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यूएन की रिपोर्ट जारी, एचआईवी के मामले बढ़े लेकिन मौतों की संख्या में 16 फीसदी की कमी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 17 Jul 2019 08:06 PM IST
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खास बातें

  • पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका दुनिया में सर्वाधिक एचआईवी प्रभावित क्षेत्र
  • 2018 में दुनियाभर में सामने आए एचआईवी के 17 लाख नए मामले
  • 2010 की तुलना में 2018 में 33 फीसदी कम हुए मौत के मामले
  • पूरी दुनिया में करीब 3.79 करोड़ लोग एचआईवी संक्रमण की चपेट में 
  • 2.33 करोड़ संक्रमित लोगों को ही मिल रही एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी
संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि साल 2010 से अब तक एचआईवी की वजह से होने वाली मौतों में 16 फीसदी तक की गिरावट आई है। मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनियाभर में पिछले साल एचआईवी के 17 लाख नए मामले सामने आए हैं। 
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रिपोर्ट जारी करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था 'यूएन एड्स' ने इसमें साल 2010 से साल 2018 तक के आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार एचआईवी की वजह से मौतों के मामलों में दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका सर्वाधिक एड्स प्रभावित देश बना हुआ है। 

साल 2010 की तुलना में 2018 में 33 फीसदी कम हुए मौत के मामले

यूएन एड्स संस्था द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यानी 2018 में एचआईवी की वजह से मौतों की संख्या घटकर सात लाख 70 हजार हो गई। यह साल 2010 की तुलना में करीब 33 फीसदी कम है।   

रिपोर्ट के अनुसार इलाज मुहैया कराने के प्रयासों के चलते इन आंकड़ों में इतनी गिरावट आई है। पहले बीमारी का पता चलने में ही इतना समय लग जाता था कि इलाज की संभावना ही नहीं बचती थी या अगर बचती भी थी तो बेहद कम। विभिन्न देशों की सरकारें एचआईवी और टीबी के मामलों की रोकथाम की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। 

पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका सर्वाधिक एचआईवी प्रभावित देश

रिपोर्ट बताती है कि पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका दुनिया में सर्वाधिक एचआईवी प्रभावित क्षेत्र हैं। वहीं, पूर्वी यूरोप और एशिया के हालात बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि यहां इस बीमारी के नये मामले तेजी से सामने आए हैं। इसमें केंद्रीय एशिया में जहां 29 फीसदी नये मामले सामने वहीं, मध्य एशिया में इसकी दर 10 फीसदी रही। 

दुनियाभर में 3.79 करोड़ लोग एचआईवी के शिकार

रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में करीब 3.79 करोड़ लोग एचआईवी संक्रमण की चपेट में हैं। इनमें से केवल 2.33 करोड़ लोगों को ही एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी मिल पा रही है। रिपोर्ट का कहना है कि दुनियाभर के आधे से ज्यादा देशों में करीब 50 फीसदी आबादी एचआईवी संक्रमण से बचने के लिए प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2017 में इस बीमारी के चलते आठ लाख लोगों की मौत हो गई थी। 
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