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Trump-Jinping Meeting Cancel: 'एशिया दौरे पर शी जिनपिंग से मिलने का कोई कारण नहीं'; चीन पर भड़के ट्रंप का बयान

Fri, 10 Oct 2025 08:42 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 10 Oct 2025 08:42 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे आगामी एशिया यात्रा पर चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मुलाकात नहीं करेंगे। चीन ने रेयर अर्थ मैटेरियल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद ट्रंप ने जिनपिंग से मुलाकात को लेकर यह बयान दिया है। ट्रंप ने कहा, आगामी एशिया यात्रा के दौरान शी से मिलने का कोई कारण नहीं दिखता है।

Trump Jinping Meet Updates US Prez Says no reason to meet Xi on Asia trip China restricts rare earth materials
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी समकक्ष से मुलाकात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, उन्हें शी जिनपिंग से मुलाकात करने का कोई कारण नजर नहीं आता। शुक्रवार को ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब चीन की ओर से अमेरिकी उद्योगों के लिए जरूरी दुर्लभ मृदा खनिजों (Rare Earth Materials) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया गया।



    अमेरिका चीनी उत्पादों पर बढ़ा सकता है आयात कर
    चीन के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा, दक्षिण कोरिया की अपनी आगामी यात्रा के दौरान उन्हें चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलने का कोई कारण नजर नहीं आता। ट्रंप ने संकेत दिया कि शी के कदमों के जवाब में वह चीनी उत्पादों पर आयात करों में भारी वृद्धि करने पर विचार कर रहे हैं।

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    रेयर अर्थ्स से जुड़े हर उत्पादन के निर्यात पर नियंत्रण
    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में लिखा, 'चीन में कुछ बहुत ही अजीबोगरीब चीजें हो रही हैं! वे बहुत आक्रामक हो रहे हैं और दुनिया भर के देशों को पत्र भेज रहे हैं कि वे रेयर अर्थ्स से जुड़े हर उत्पादन तत्व पर निर्यात नियंत्रण लगाना चाहते हैं, भले ही वह चीन में निर्मित न हो। किसी ने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। हालांकि, चीन के ऐसा करने से बाजार अवरुद्ध होंगे। दुनिया के लगभग हर देश, खासकर चीन के लिए, जीवन को कठिन बना जाएगा।
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    वे घात लगाए बैठे हैं, हमेशा की तरह, मैं सही साबित
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'इस तीव्र व्यापारिक शत्रुता से बेहद नाराज देशों ने हमसे संपर्क किया है। इसकी शुरुआत अचानक हुई है। पिछले छह महीनों में चीन के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे रहे थे, लेकिन व्यापार पर यह कदम और भी आश्चर्यजनक हो गया है। मुझे हमेशा लगता था कि वे घात लगाए बैठे हैं, अब, हमेशा की तरह, मैं सही साबित हुआ हूं!' 

    चीन ने भयावह और शत्रुतापूर्ण कदम उठाया
    ट्रंप ने कहा कि चीन को दुनिया को 'बंदी' बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। ऐसा लगता है कि निर्यात पर रोक लगाने की उनकी योजना काफ़ी समय से थी। इसकी शुरुआत 'चुंबक' और अन्य तत्वों से हुई, जिन्हें उन्होंने चुपचाप एकाधिकार की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है... यह एक भयावह और शत्रुतापूर्ण कदम है। इन सबके बावजूद अमेरिका के पास भी एकाधिकार की स्थिति है। यह चीन की तुलना में कहीं ज़्यादा मजबूत और दूरगामी है। मैंने बस उनका इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया है। अब तक मेरे पास ऐसा करने का कोई कारण ही नहीं था।
     



    कोरिया में होनी थी ट्रंप और जिनपिंग की भेंट
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि चीन ने जो पत्र भेजा है वह कई पन्नों का और विस्तृत है। उसमें हर उस तत्व का विस्तृत विवरण है जिसे वे अन्य देशों से छिपाना चाहते हैं। जो चीजें पहले नियमित थीं, अब बिल्कुल भी नियमित नहीं हैं। ट्रंप ने कहा, 'मैंने राष्ट्रपति शी से बात नहीं की है क्योंकि ऐसा करने का कोई कारण नहीं था। यह न केवल मेरे लिए, बल्कि स्वतंत्र विश्व के सभी नेताओं को हैरान करने वाला है। मुझे दो हफ्ते बाद दक्षिण कोरिया में APEC के दौरान राष्ट्रपति शी से मिलना था, लेकिन अब ऐसा करने का कोई कारण नजर नहीं आता।

    अमेरिका में आने वाले चीनी उत्पादों पर शुल्क में भारी वृद्धि पर विचार
    ट्रंप ने कहा, चीनी पत्र विशेष रूप से अनुचित थे क्योंकि आज ही वह दिन है जब तीन हजार साल के कोलाहल और युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में शांति बहाल हुई है। मुझे आश्चर्य है कि क्या यह समय संयोगवश था? चीन ने अभी-अभी जो शत्रुतापूर्ण 'आदेश' जारी किया है, मुझे उनके इस कदम का आर्थिक रूप से प्रतिकार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह मुद्दा इस हद तक पहुंच जाएगा, लेकिन शायद, सभी चीजों की तरह, अब समय आ गया है। भले ही ये कष्टदायक हो लेकिन अंततः अमेरिका के लिए यह बहुत अच्छी बात होगी। इस समय हम जिन नीतियों पर विचार कर रहे हैं उनमें से एक अमेरिका में आने वाले चीनी उत्पादों पर शुल्क में भारी वृद्धि करना है। कई अन्य विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। 

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    जिनपिंग से मुलाकात को लेकर ट्रंप ने कही थी ये बात

    गौरतलब है कि सितंबर के तीसरे सप्ताह में ट्रंप ने कहा था कि वह अगले महीने एपीईसी सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और अगले साल चीन दौरे पर भी जाएंगे। ट्रंप ने शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत कर अमेरिका में लोकप्रिय चीनी सोशल मीडिया एप- टिकटॉक के संचालन को जारी रखने के संकेत भी दिए थे।। बता दें कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों की इस वार्ता से पहले ट्रंप प्रशासन ने चीन पर भारी टैरिफ लगाए थे। जिनपिंग ने भी जवाबी शुल्क लगाए थे। इस तनातनी के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध शुरू हो गया था।

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