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टाइमलाइन
रूस-यूक्रेन तनाव के 24 घंटे: पुतिन के सेना भेजने के एलान से अमेरिका के प्रतिबंधों की घोषणा तक, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
रूस और यूक्रेन के बीच तनाव अब अपने चरम पर है। पिछले 24 घंटे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, उनसे दोनों देशों के बीच युद्ध के आसार काफी बढ़ गए हैं। इस बीच यूरोप और अमेरिका से लेकर अफ्रीकी देशों ने भी रूस के फैसले को लेकर बयान जारी किए हैं। भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की है।
रूस और यूक्रेन में बढ़ते तनाव के बीच अमर उजाला आपको बता रहा है कि आखिर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद से स्थितियां किस तरह से बिगड़ी हैं और यूक्रेन और रूस के समर्थकों ने कैसे इस बीच अपने फैसलों से पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
सोमवार, देर रात 1 बजे
व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने यूक्रेन पर परमाणु हथियार पाने की कोशिश का आरोप लगाया और अमेरिका समेत यूरोपीय देशों पर यूक्रेन को प्रभावित करने की बात कही। पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन की सरकार को इन्हीं पश्चिमी देशों ने 'बर्बाद' करने का काम किया है।
सोमवार, देर रात 1.30 बजे
पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद यूक्रेन के दो शहर डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र करार दिया। इन दोनों शहरों के बड़े हिस्से पर 2014 के बाद से रूस समर्थित अलगाववादियों का कब्जा है।
सोमवार देर रात 1.30 बजे
रूसी राष्ट्रपति के एलान के ठीक बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात की। उन्होंने रूस की योजना की जानकारी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को भी दी और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के साथ बैठकें कीं।
सोमवार, देर रात 2 बजे
राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस की ओर से डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र करार दिए जाने के बाद इन दोनों शहरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। इन दोनों ही क्षेत्रों में अमेरिकी और उसके मित्र देशों की तरफ से निवेश, व्यापार और इनकी वित्तीय मदद पर भी रोक लगा दी गई।
मंगलवार तड़के 3 बजे
अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं ने एक के बाद एक रूस पर जुबानी हमले शुरू किए और प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी। ब्रिटेन ने रूस के इस कदम को यूक्रेन की स्वायत्ता का उल्लंघन बताया और मंगलवार तक प्रतिबंध लगाने का एलान किया।
मंगलवार तड़के 3.30 बजे
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए रूसी सेना को डोनेत्स्क और लुहांस्क के अलगाववादियों की मदद के लिए भेजने का एलान किया। पुतिन ने इसे रूसी सेना का शांति अभियान करार दिया।
मंगलवार सुबह 3.32 बजे
रूस के यूक्रेन में सेना भेजने के एलान के ठीक बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वादा किया कि वे रूस के इन कदमों का सख्ती से जवाब देंगे और जरूरी कदम उठाएंगे।
मंगलवार, सुबह 3.38 बजे
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के कदमों को लेकर तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने रूस के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह यूक्रेन की स्वायत्ता का उल्लंघन है।
मंगलवार, सुबह 3.45 बजे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से पहला बयान जारी हुआ। इसमें उन्होंने रूस के कदमों को लेकर नाराजगी जाहिर की और पुतिन सरकार पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात दोहराई।
मंगलवार, सुबह 3.50
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रूस की ओर से उठाए गए कदमों पर चिंता जाहिर की और कहा कि डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र करार देने का रूस का फैसला अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन है। उन्होंने किसी भी तरह के तनाव को न बढ़ाने की अपील की।
मंगलवार सुबह 3.53 बजे
अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्राध्यक्षों के बीच रूस के कदमों को लेकर चर्चा। सख्त पाबंदियों पर हुई बात। व्हाइट हाउस ने की रूस की निंदा। उधर यूक्रेन में अमेरिका के पूर्व राजदूत रहे जॉन हर्ब्स्ट ने बाइडन प्रशासन से जल्द से जल्द प्रतिबंध लगाने की मांग की।
मंगलवार सुबह 4.16 बजे
यूक्रेन के अलगाववादियों के साथ रूस का एक समझौता सामने आया। इसके तहत रूस ने डोनेत्स्क और लुहांस्क में सैन्य बेस बनाने के लिए मंजूरी हासिल कर ली। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच सैन्य सहायता बढ़ाने और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी जल्द समझौता होने की बात सामने आई।
मंगलवार सुबह 4.25 बजे
फ्रांस की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाए जाने की मांग का अमेरिका ने समर्थन किया। अमेरिका ने कहा कि यूएन के सदस्य देशों को यूक्रेन की स्वायत्ता पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है और रूस के कदमों की सभी तरफ चर्चा होनी चाहिए।
मंगलवार सुबह 6 बजे
ब्रिटेन ने एलान किया कि वह रूस पर कड़े प्रतिबंधों का एलान करने वाला है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार के मंत्रियों की एक बैठक के बाद रूस पर प्रतिबंधों की घोषणा की जाएगी।
मंगलवार सुबह 6.54 बजे
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया कि रूसी सेना के कई टैंक और सैन्य वाहनों को यूक्रेन में घुसते देखा गया। रिपोर्ट में कहा गया कि डोनेत्स्क शहर की सड़कों पर लंबे समय से टैंक नहीं देखा गया था, लेकिन मंगलवार को यहां टैंकों की पांच कॉलम देखी गईं।
मंगलवार सुबह 7.30 बजे
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पश्चिमी देशों से रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही देशवासियों को भरोसा दिया कि वे किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए तैयार हैं और रूस की किसी भी हरकत पर प्रभावी जवाब देने के लिए तैयार हैं।
मंगलवार सुबह 7.40 बजे
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में सभी 15 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। रूस और चीन को छोड़ सभी पक्षों ने यूक्रेन संकट के हल की बात कही। साथ ही रूस से तनाव न बढ़ाने की मांग उठाई। जहां केन्या ने सीधे तौर पर यूक्रेन की स्वायत्ता का उल्लंघन करने के लिए रूस पर हमला बोला। वहीं भारत ने कहा कि उसे यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों की चिंता है और उनकी सुरक्षा देश की पहली प्राथमिकता है। भारत ने दोनों ही पक्षों से बातचीत के जरिए संकट का हल तलाशने का सुझाव दिया।
मंगलवार सुबह 11.22 बजे
रूस ने संयुक्त राष्ट्र से कहा कि वह यूक्रेन में सेना द्वारा अलगाववादियों पर किए जा रहे हमलों को बर्दाश्त नहीं कर सकता। रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेनी सेना डोनबास क्षेत्र में नरसंहार पर उतर आई है। रूस की तरफ से कहा गया है कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन की स्थिति और खराब नहीं करनी चाहिए।
मंगलवार दोपहर 1.14 बजे
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने एलान किया कि उनकी सरकार यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क को अलग गणतंत्र के तौर पर मान्यता देंगे। रूस के बाद ऐसा करने वाला सीरिया दूसरा देश है। असद ने कहा कि डोनबास की स्थिति को लेकर उन्होंने रूस से बातचत की और इसी के आधार पर फैसला लिया।
मंगलवार दोपहर 2.30 बजे
यूक्रेन को लेकर उठाए गए रूस के कदमों पर ब्रिटेन ने कहा कि वह रूस के पांच बैंकों और दो बड़ी नेटवर्थ वाले लोगों पर पाबंदियों का एलान कर रहा है। इसी के साथ रूस के इन बैंकों का ब्रिटेन या उसकी मुद्रा- पाउंड के जरिए लेनदेन पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
मंगलवार दोपहर 3.26 बजे
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए जा रहे प्रतिबंधों को नकारते हुए कहा कि उन्हें पहले ही इसकी उम्मीद थी। लावरोव ने कहा कि अमेरिकी, यूरोपीय और ब्रिटिश साथी तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक वह रूस को अपने हिसाब से 'सजा नहीं दे लेते।' उन्होंने कहा कि हमें पहले ही इसकी आदत हो चुकी है। हमें पता है कि यह प्रतिबंध बिना किसी वजह के भी लगाए जा सकते हैं, इसलिए हम इनके लिए तैयार हैं।
मंगलवार दोपहर 3.48 बजे
चेक गणराज्य ने यूक्रेन के खिलाफ उठाए जा रहे रूस के कदम का विरोध करते हुए उससे गैस की सप्लाई कम करने का एलान किया। साथ ही यूक्रेन से आने वाले शरणार्थियों की पूरी मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री पीटर फियाला ने कहा कि पश्चिमी देशों को रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
मंगलवार शाम 4 बजे
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने यूक्रेन को लेकर उठाए गए कदमों पर पुतिन की आलोचना की। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की मांग की और रूस के फैसले को अस्वीकार्य बताया। गौरतलब है कि तुर्की पहले ही नाटो गठबंधन का सदस्य है।
मंगलवार शाम 4.05 बजे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने एलान किया कि वे रूस के साथ रिश्तों को तोड़ने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले के साथ ही रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य आक्रमण का मन बना लिया है और सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को तोड़ने का निर्णय लिया है।
मंगलवार शाम 4.54 बजे
जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने एलान किया कि वे रूस के साथ नॉर्ड स्ट्रीम 2 परियोजना को रद्द कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस को बातचीत की मेज पर लाया जाना जरूरी है, इसलिए वे गैस सप्लाई के लिए तैयार की गई इस पाइपलाइन के प्रमाणीकरण का काम रोक रहे हैं।
मंगलवार शाम 5.30 बजे
पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की। नाटो गठबंधन में साझेदार पोलैंड ने कहा कि 30 सदस्यीय देशों को मॉस्को के कदमों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए।
मंगलवार शाम 6 बजे
यूक्रेन ने जर्मनी की तरफ से नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन प्रोजेक्ट को रद्द करने के फैसले का स्वागत किया। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इसे नैतिक और राजनीतिक तौर पर सही कदम करार दिया। उन्होंने इसके लिए जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज को धन्यवाद भी दिया।
मंगलवार शाम 6.30 बजे
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत रूस के पांच बैंकों और तीन ऊंची नेटवर्थ वाले लोगों पर प्रतिबंधों को मंजूरी मिल गई। जॉनसन ने आरोप लगाया कि रूस इस वक्त यूक्रेन पर हमले की तैयारी में है। ऐसे में ब्रिटेन में इन बैंकों और व्यक्तियों की जो भी संपत्ति होगी, वह फ्रीज हो जाएगी।
मंगलवार शाम 7 बजे
यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क के बड़े हिस्सों पर कब्जा किए बैठे रूस समर्थित बागियों ने कहा कि रूस ने सिर्फ हमारे कब्जे वाले क्षेत्र को स्वतंत्र के तौर पर मान्यता नहीं दी, बल्कि दोनों शहरों को पूर्ण रूप से स्वतंत्र करने की बात की है।
मंगलवार रात 8.30 बजे
ग्रुप ऑफ 7 यानी जी7 देशों ने यूक्रेन के खिलाफ उठाए गए रूस के कदमों की निंदा की। जापान ने जी7 के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद बताया कि उनकी तरफ से रूस को प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार रात 9.00 बजे
व्लादिमीर पुतिन ने विदेशी जमीन पर सेना के इस्तेमाल के लिए संसद के उच्च सदन में प्रस्ताव पारित करा लिया। इसके साथ ही रूसी राष्ट्रपति को यूक्रेन में सेना भेजकर अलगाववादियों की मदद करने की मंजूरी मिल गई। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूसी सेना के करीब 100 टैंक इसके बाद ही यूक्रेन की तरफ जाते देखे गए।
मंगलवार रात 10.15 बजे
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने बयान जारी कर कहा कि उसके साथी आखिरकार रूस पर प्रतिबंध लगाने की मांगों को सुन रहे हैं। कुलेबा ने कहा कि उनकी हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और यूके के नेताओं से बात हुई है। सभी ने यूक्रेन को जरूरी हथियार मुहैया कराने पर सहमति जताई है।
मंगलवार रात 10.45 बजे
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को यूक्रेन संकट को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास अब सबसे अच्छा फैसला यही बचा है कि वह नाटो का सदस्य बनने की कोशिश और सोच को पूरी तरह छोड़ दे और अपने सभी हथियारों को त्याग कर पूरी तरह हथियार मुक्त हो जाए। उन्होंने कहा कि हथियारों से भरा यूक्रेन रूस के लिए खतरा है और यह रूस विरोधी हरकत है। इसके अलावा पुतिन ने क्रीमिया को भी रूस के हिस्से के रूप में मान्यता देने की मांग की।
मंगलवार रात 11.45 बजे
यूक्रेन में फंसे लगभग 242 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान नई दिल्ली पहुंचा। इस विमान के पहुंचने का समय पहले 10.15 बजे निर्धारित था लेकिन उड़ान में देरी की वजह से यह मंगलवार रात करीब 11.45 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। मंगलवार सुबह 7.30 बजे एयर इंडिया के जहाज AI1946 ने यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए उड़ान भरी थी। अभी 24 और 26 फरवरी को भी एयर इंडिया के विमान यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने के लिए उड़ान भरेंगे।
मंगलवार रात 12.50 बजे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश को संबोधित करना शुरू किया। पहले यह संबोधन रात 11.30 बजे (भारतीय समयानुसार) निर्धारित था, लेकिन इसमें देरी हुई। हालांकि किस वजह से देरी हुई इसके बारे में कुछ पता नहीं चला है। अपने संबोधन के दौरान बाइडन ने रूस पर "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उन्होंने पूर्वी यूरोप में सहयोगियों के लिए अमेरिकी सेना की अतिरिक्त आवाजाही को अधिकृत कर दिया है। उन्होंने कहा कि "मैं स्पष्ट कर दूं, ये हमारी ओर से रक्षात्मक कदम हैं।" "रूस से लड़ने का हमारा कोई इरादा नहीं है।" बाइडन ने दो बैंकों के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा भी की।
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