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Colombo : भारत-जापान को बनाएं सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने किया समर्थन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 27 Sep 2022 08:41 PM IST
सार

विक्रमसिंघे जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए टोकियो में हैं। मंगलवार को जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी के साथ एक बैठक के दौरान विक्रमसिंघे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जापान द्वारा श्रीलंका को द्वारा दिए गए समर्थन की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे
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विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भारत और जापान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि वे और उनकी सरकार इसका समर्थन करेंगे। 



विक्रमसिंघे जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए टोकियो में हैं। मंगलवार को जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी के साथ एक बैठक के दौरान विक्रमसिंघे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जापान द्वारा श्रीलंका को द्वारा दिए गए समर्थन की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बनने के लिए जापान और भारत दोनों के अभियान का समर्थन करने की सरकार की इच्छा व्यक्त की। 


कोलंबो में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। भारत सुरक्षा परिषद में सुधार व विस्तार के लिए वर्षों से प्रयास कर रहा है। वह संयुक्त राष्ट्र के इस निकाय की स्थायी सदस्यता का हकदार है। 
 



सुरक्षा परिषद में वर्तमान में पांच स्थायी सदस्य और 10 गैर स्थायी सदस्य देश शामिल हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। पांच स्थायी सदस्य रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और अमेरिका हैं और ये देश किसी भी ठोस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। समकालीन वैश्विक वास्तविकता को प्रतिबिंबित करने के लिए स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग बढ़ रही है।

भारत वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक निर्वाचित गैर-स्थायी सदस्य है। उसका दो साल का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होगा। भारत दिसंबर में इसकी अध्यक्षता करेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया था कि भारत बड़ी जिम्मेदारियां उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार के साथ बहुपक्षवाद में सुधार का आह्वान किया और कहा कि इसे काफी समर्थन प्राप्त है। 
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ओमान, यूएई जी-20 शिखर सम्मेलन में अतिथि होंगे: श्रृंगला
भारत ने ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को अगले साल सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले जी20 समूह राष्ट्रों के नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया है। भारत के मुख्य जी20 समन्वयक हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि भारत एक दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक एक वर्ष के लिए इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता करेगा। दोनों देश भारत की अध्यक्षता के दौरान होने वाली 200 बैठकों में भी भाग लेंगे। दोनों देश खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य हैं।

 

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