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Sri Lanka Crisis: विक्रमसिंघे के निजी आवास में प्रदर्शनकारियों ने लगाई आग, 13 जुलाई को इस्तीफा दे सकते हैं राष्ट्रपति

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 10 Jul 2022 02:12 AM IST
सार

इससे पहले श्रीलंका में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आधिकारिक आवास में घुस गए। सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में दो पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 30 लोगों के घायल होने की खबर है। प्रदर्शन कर रहे लोग राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

Sri Lanka Crisis
Sri Lanka Crisis - फोटो : Social Media
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विस्तार

श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के बीच नाराज श्रीलंकाई प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर धावा बोल दिया। लोगों ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास में बने स्विमिंग पूल में नहाते हुए भी दिखाई दिए। इतना ही नहीं वीडियो में प्रदर्शनकारी  राष्ट्रपति आवास की रसोई और घर में घूमते हुए दिखाई दिए।



रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई पत्रकारों के घायल होने के बाद भीड़ और ज्यादा बेकाबू हो गई और इलाके में और प्रदर्शनकारी जमा हो गए। इस बीच कोलंबो नगर परिषद (सीएमसी) फायर ब्रिगेड ने कहा कि उन्हें सूचित किया गया था कि कोलंबो में प्रधानमंत्री के निजी आवास में आग लगा दी गई थी। हालांकि, उपद्रव की वजह से वहां पहुंचा नहीं जा सका। इस बीच बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति गोटबाया 13 जुलाई को इस्तीफा दे सकते हैं।


गोटबाया इस्तीफा देने के लिए राजी
श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे। श्रीलंका की संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने ने शनिवार रात को यह जानकारी दी। इससे पहले अभयवर्धने ने शनिवार शाम को हुई सर्वदलीय नेताओं की बैठक के बाद उनके इस्तीफे के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने इस फैसले के बारे में संसद अध्यक्ष को बताया। अभयवर्धने ने बैठक में लिए गए निर्णयों पर राजपक्षे को पत्र लिखा।

पार्टी के नेताओं ने राजपक्षे और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी। उनका कहना था कि संसद का उत्तराधिकारी नियुक्त किए जाने तक अभयवर्धने को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया जाए। विक्रमसिंघे पहले ही इस्तीफा देने की इच्छा जता चुके हैं। राजपक्षे ने अभयवर्धने के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि वह 13 जुलाई को पद छोड़ देंगे।

 
विक्रमसिंघे ने की इस्तीफे की पेशकश

इससे पहले श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पीएम पद से इस्तीफा का एलान कर दिया। श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट और भारी जनआक्रोश की वजह से विक्रमसिंघे को इस्तीफा देना पड़ा। विक्रमसिंघे ने 12 मई को श्रीलंका के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। हालांकि, प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने ट्वीट किया, सभी नागरिकों की सुरक्षा सहित सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मैं आज पार्टी नेताओं की सर्वदलीय सरकार के लिए रास्ता बनाने की सबसे अच्छी सिफारिश को स्वीकार करता हूं। इसे सुगम बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दूंगा।

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विक्रमसिंघे ने बुलाई थी आपात बैठक

इस बीच प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने और तत्काल समाधान खोजने के लिए पार्टी नेताओं की भागीदारी के साथ एक आपात बैठक बुलाई थी। पीएमओ ने बताया था कि प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार के लिए रास्ता बनाने के लिए तैयार हैं। इस बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैठक में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री दोनों को इस्तीफा देने को कहा गया है। स्पीकर को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव दिया गया है।

राजपक्षे पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव
देश में जारी संकट की वजह से राजपक्षे पर मार्च से ही इस्तीफा देने का दबाव बढ़ रहा है। वह अप्रैल में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने के बाद से ही राष्ट्रपति आवास को अपने आवास तथा कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शनिवार के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रपति को शुक्रवार को उनके आवास से बाहर ले जाया गया था। राष्ट्रपति को कहां ले जाया गया है, इस बारे में पता नहीं चल सका है। हालांकि, अटकलें है कि राजपक्षे देश छोड़ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के कार्यालय और आधिकारिक आवास दोनों पर कब्जा कर लिया है।

 

30 से ज्यादा लोग घायल
बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास के परिसर तक घुस आए थे। श्रीलंका के एक टीवी चैनल सिरासा टीवी की ओर से जारी फुटेज में तो भीड़ को राष्ट्रपति आवास के अंदर घुसते भी देखा जा सकता है। हालांकि, सुरक्षाबल पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश करती रही। प्रदर्शन के दौरान 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

गौरतलब है कि श्रीलंका पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पूरे देश में खाने से लेकर ईंधन तक की कमी पैदा हो गई है। यहां तक कि घरों में बिजली तक सिर्फ कुछ ही घंटों के लिए आ रही है। श्रीलंका के लगातार घटते विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से वह मेडिकल से जुड़े जरूरी सामान तक नहीं आयात कर पा रहा है। 

 


पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या भी उतरे
वहीं, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने कोलंबो में हालिया विरोध प्रदर्शन पर समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि मैं विरोध का हिस्सा था और लोगों की मांग के साथ खड़ा हूं। यह विरोध तीन महीने से अधिक समय से चल रहा है।

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