आपत्ति: 'कोरोना के नए स्ट्रेन को इंडियन वैरिएंट न लिखें' मीडिया संस्था साजा की सलाह, दिया यह तर्क

वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 08 May 2021 03:13 PM IST

सार

 एसोसिएशन ने पत्रकारों को भारत में कोरोनो वायरस बढ़ोतरी के चल रहे कवरेज के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि यह दक्षिण एशियाई समुदाय के निष्पक्ष और सटीक कवरेज के लिए सही है।
कोरोना जांच
कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

साउथ एशियन जर्नलिस्टस एसोसिएशन (SAJA) ने कोविड-19 के नए स्ट्रेन का इंडिया वेरिएंट' या 'इंडियन वेरिएंट' शब्द इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। एक बयान में एसोसिएशन ने कहा कि 2015 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बीमारियों को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देश बनाया था। साथ ही संगठन की ओर से चेतावनी दी गई थी कि जिन देशों से संक्रमण, बीमारी या महामारी उत्पन्न हुए हैं, उनके नाम पर बीमारियों, वायरस या वेरिएंट का नामकरण करना गलत है।
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इससे वहां के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। कुछ वर्षों में बीमारी के नामों ने विशिष्ट धार्मिक या जातीय समूहों के सदस्यों के खिलाफ माहौल खराब किए हैं। एसोसिएशन ने कहा हाल ही में चीन वायरस या वुहान वायरस का नाम काफी उछला इससे चीन के खिलाफ लोगों के मन में एक अजीब प्रकार की सोच उत्पन्न हुई।  एसोसिएशन ने पत्रकारों को भारत में कोरोनोवायरस बढ़ोतरी के चल रहे कवरेज के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि यह दक्षिण एशियाई समुदाय के निष्पक्ष और सटीक कवरेज के लिए सही है। 

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