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Russia Ukraine Crisis : रूस ने जी-7 बैठक से पहले ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों से कीव को दहलाया

एजेंसी, कीव। Published by: योगेश साहू Updated Mon, 27 Jun 2022 05:10 AM IST
सार

यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध के साये में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में जी-7 के सामने ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा की चुनौती है। इससे दुनिया के ज्यादातर देश बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रहे हैं। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि ईंधन के बाद रूस सोना का सबसे ज्यादा निर्यात करता है।

रूस की खतरनाक मिसाइल
रूस की खतरनाक मिसाइल - फोटो : Pixabay
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विस्तार

रूस की घेराबंदी के लिए जर्मनी में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन की शुरुआत के साथ ही रूस ने भी यूक्रेन की राजधानी पर मिसाइलें बरसाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। युद्ध के शुरुआती दौर को छोड़ दें तो रूस ने कीव को बहुत ज्यादा निशाना नहीं बनाया है। कीव पर रूस तभी हमला करता है, जब उसे पश्चिमी देशों की तरफ से उसके खिलाफ उठाए गए कदमों पर विरोध जताना होता है।



रविवार को रूस ने कीव पर जमकर मिसाइलें दागीं। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के प्रशासनिक प्रमुख आंद्रीय येरमक ने बताया, मिसाइल हमलों से रिहायशी इलाकों में नुकसान हुआ है और एक किंडरगार्डन तबाह हो गया। हमलों में पांच लोग घायल हुए हैं। कीव के मेयर विताली क्लित्सश्को ने कहा, रविवार को कीव पर हुआ हमला जून माह में सबसे बड़ा है। इससे नौ रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं और शहर में जगह-जगह आग लगी है। मलबे में कई लोग दबे हैं।


अब तक हमलों से बचे रहे मध्य यूक्रेनी शहर चेर्कासी में रविवार को एक के बाद एक कई धमाके हुए। गवर्नर एलेक्जेंडर स्कीचको ने कहा, रूस ने नागरिक ठिकानों पर मिसाइलें बरसाईं, जबकि रूस ने इससे इनकार किया। उधर, स्पेन ने 28-30 जून तक मैड्रिड में होने वाले नाटो सम्मेलन से पहले दक्षिण में अफ्रीकी देशों की तरफ ध्यान खींचा, जहां रूसी दखल लगातार बढ़ रहा है।

जर्मनी ने वैश्विक साझेदारों को भी बुलाया  
बैठक में मेजबान जर्मनी ने प्रमुख साझेदारों को भी आमंत्रित किया है। इनमें भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना व सेनेगल हैं। शोल्ज ने कहा था, यह ॉम्मेलन दुनिया को बताएगा कि नाटो व जी-7 पहले से कहीं अधिक संगठित व एकजुट हैं।

रूस से सोने के आयात पर प्रतिबंध का एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, जी-7 देश रूस से सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं। इससे रूस का युद्ध उन्माद कम होगा। ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान व अमेरिका के समूह (जी-7) की जर्मनी के एलमौ में 26 से 28 जून के दौरान शिखर बैठक हो रही है।

यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध के साये में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में जी-7 के सामने ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा की चुनौती है। इससे दुनिया के ज्यादातर देश बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रहे हैं। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि ईंधन के बाद रूस सोना का सबसे ज्यादा निर्यात करता है।
  • वैश्विक बुनियादी ढांचे पर बड़े एलान संभव: जो बाइडन की सलाहकार राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में वैश्विक अवसंरचना भागीदारी कार्यक्रम के बड़े एलान होंगे।
  • ईंधन पर और कड़े होंगे प्रतिबंध एक जर्मन अधिकारी ने बताया कि बैठक में खासतौर पर यूरोप की रूसी ईंधन पर निर्भरता से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। सभी देश रूस को ईंधन व्यापार से होने वाले मुनाफे को कम करेंगे।
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