विज्ञापन

भीड़ हिंसा रोकने के लिए कानून को सख्त करने की तैयारी, सोशल मीडिया की भी जिम्मेदारी होगी तय

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Thu, 06 Sep 2018 03:16 AM IST
mob lynching
mob lynching
विज्ञापन
ख़बर सुनें
देश में भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं से चिंतित सरकार इसके खिलाफ आईपीसी और सीआरपीसी में नए प्रावधान जोड़ कर इससे जुड़े कानून को बेहद सख्त बना सकती है। इसके अलावा ऐसे मामलों में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी भी तय करने की तैयारी है। बुधवार को इस मामले में गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने बुधवार को पहली बैठक की। 
विज्ञापन
दरअसल गृह सचिव के पैनल की रिपोर्ट में भीड़ हिंसा की घटनाओं में सोशल मीडिया के जरिए अफवाहों से लोगों को भड़काने की बात सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय किए बिना ऐसी अफवाहों पर विराम लगाना संभव नहीं है। 

माना जा रहा है कि समिति ने संसदीय अनुमोदन के जरिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता में नए प्रावधान शामिल कर कानून को सख्त बनाने की सिफारिश की है। साथ ही समिति ने भीड़ हिंसा के पीड़ितों को केंद्र द्वारा सहायता और आरोपियों पर गैर जमानती धारा लगाने का सुझाव दिया है। समिति की सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए जीओएम अगले कुछ सप्ताह में और बैठक कर सकता है। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा जाएगा। 

बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बनाई गई थी समिति

पिछले एक साल के दौरान देश के नौ राज्यों में करीब 40 लोगों की भीड़ हिंसा में मौत को देखते हुए जीओएम और सचिवों की समिति बनाई गई थी। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद जुलाई में भीड़ हिंसा से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया था।

हर जिले में नियुक्त करना था एक अधिकारी

केंद्र ने राज्य सरकारों को हर जिले में एसपी स्तर के एक अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा था। साथ ही सूचनाएं एकत्र के लिए स्पेशल टास्क फोर्स और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया था ताकि बच्चा चोर या गो तस्कर की अफवाह पर भीड़ हिंसा जैसी घटनाओं को रोका जा सके। 

जीओएम में ये मंत्री हैं शामिल

जीओएम में राजनाथ के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत शामिल हैं। 
 

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Rest of World

स्वीडन में लॉफवेन की सरकार गिरी, देश में असमंजस का माहौल

स्वीडन डेमोक्रेट पार्टी ने लॉफवेन का यह कहकर साथ देने से इनकार कर दिया कि जब तक आप्रवासन नीति पर उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी समर्थन नहीं मिलेगा।

25 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

इस देश में मां बनने के लिए बॉस से लेनी पड़ती है अनुमति

जापान की कई कम्पनियां अपनी महिला कर्मचारियों को निर्देश दे रही हैं कि मां बनने से पहले वे अपने बॉस की अनुमति लेंगी। जापान के कर्मचारियों को उनकी कम्पनी की तरफ से शादी और मां बनने को लेकर निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

25 सितंबर 2018

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree