पर्यटन के लिए बच्चों से सेक्स

बीबीसी हिन्दी Updated Mon, 08 Oct 2012 03:30 PM IST
sex with younger age for tourism
लेकिन वहां पर्यटन की चकाचौंध से भरी दुनिया के साथ ही जुड़ी है दर्द और शोषण की कहानी। ये कहानी है थाईलैंड के उन बच्चों की जिन्हें ग़रीबी की वजह से सेक्स पर्यटन का शिकार बनना पड़ा है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से दो घंटे की दूरी पर बसा है पटाया का रिसॉर्ट इलाका। ये वो इलाका है जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। आमतौर पर इस इलाके पर पुलिस की भी चौकस नज़र रहती है। वहां की सड़कों पर हर उम्र के बच्चे छोटे-बड़े काम करते मिल सकते हैं। कुछ तो भीख मांग कर भी गुज़ारा करते हैं।

ये बच्चे आमतौर पर ग्रामीण इलाके के होते हैं जहां पैसा कमाना एक बड़ी समस्या होती है ऐसे में कभी-कभी तो इन बच्चों के कमाए पैसों से ही इनका घर चलता है। मगर ये पैसे कमाने के लिए इन बच्चों को इस मासूम उम्र में लोगों की भूखी नज़रों का शिकार होना पड़ता है और बात काफ़ी आगे तक बढ़ जाती है।

यौन शोषण
बच्चों की सुरक्षा करने वाली संस्थाओं के अनुसार हर साल थाईलैंड पहुंचने वालों में ढाई लाख से ज्यादा लोगों के सफर का मुख्य मकसद इन बच्चों के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाना होता है। तेज़ी से फैलते सेक्स टूरिज़्म को रोकने के लिए दुनियाभर की पुलिस एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर रही है। लेकिन पुलिस की अतिआधुनिक तकनीक के बावजूद बच्चों का 'यौन पर्यटन' में इस्तेमाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

इन बच्चों के शारीरिक शोषण के खिलाफ़ काम करने वाली गैर सरकारी संस्था ईसीपीएटी इंटरनेशनल की जूनिता उपाध्याय के अनुसार, ''ये वो बच्चे हैं जो गरीब घरों से आते हैं। इनमें से कई अल्पसंख्यक समुदाय, कई पहाड़ी इलाकों और कई दूसरे देशों से विस्थापित हुए बच्चे होते हैं।

यौन उत्पीड़न के कारण इनमें से कइयों को एचआईवी और एड्स जैसी बीमारी भी हो जाती है।'' जूनिता कहती हैं कि उनकी संस्था का मक़सद यही है कि किसी भी बच्चे का यौन शोषण न हो लेकिन हक़ीक़त ये है कि सेक्स पर्यटन के ज़रिए यौन शोषण का शिकार हो रहे हैं।

बढ़ रहा है दायरा
दुनिया की एक बड़ी चैरिटी संस्था वर्ल्ड विज़न का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण का दायरा दुनिया भर में बढ़ता ही जा रहा है। शीना वैन ऐसी ही एक यौन उत्पीड़न की शिकार महिला हैं जिनका वियतनाम और कंबोडिया में 12 वर्ष की उम्र में विदेशी पर्यटकों ने यौन शोषण किया था।

वो बताती हैं, "मेरे साथ काफ़ी बड़े और बुज़ुर्ग लोगों ने सेक्स किया। उन्होंने ये नहीं सोचा कि मैं बच्ची हूं। इससे मुझे काफ़ी सदमा पहुंचा था।" शीना वैन को सोमाली मैम जैसी महिला ने अपनी संस्था की मदद से सेक्स पर्यटन के चंगुल से बाहर निकाला था जो खुद़ कंबोडिया में सेक्स पर्यटन का शिकार रही हैं और अब प्रभावित बच्चों को छुड़ाने और उनके पुनर्वास के लिए काम करती हैं।

वो कहती हैं, "तीन-चार साल के बच्चों को वैश्यालयों को बेच दिया जाता है। उन्हें एड्स की बीमारी हो जाती है, उनकी मौत हो जाती है। इसलिए हमें मिलकर इस समस्या के हल की दिशा में काम करना चाहिए।" थाईलैंड के अलावा कई यूरोपीय देश रूस, मैक्सिको, अफ्रीका, रोमानिया, बुल्गारिया, यूक्रेन और चेक गणराज्य वो देश हैं जो बड़ी तेज़ी से इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं।

ऐसा अंदेशा है कि अकेले ब्राज़ील में ढाई से पांच लाख के आस-पास बच्चे सेक्स टूरिज़्म का हिस्सा हैं। ब्राज़ील की सरकार ने कुछ दिनों पहले ही अपने यहां के 200 से ज्य़ादा वेबसाइट को आदेश दिया था कि वे अपनी साइट से ऐसी जानकारियां हटा दें जिसमें थाईलैंड को सेक्स टूरिज़्म की पसंदीदा जगह के तौर पर बताया गया है।

इनमें से ज्य़ादार साइट अमरीका से चलाई जाती हैं। बच्चों के सेक्स टूरिज़्म में इस्तेमाल को लेकर अब दुनियाभर में जागरुकता फैलाई जा रही है। अब 42 देशों की क़रीब एक हज़ार कंपनियों ने सेक्स टूरिज़्म में बच्चों के इस्तेमाल के खिलाफ़ पिछले साल एक संकल्प पत्र पर दस्तखत किया है कि वो इसे रोकने की दिशा में काम करेंगे।

Spotlight

Most Read

Rest of World

रूस में माइनस 67 डिग्री पहुंचा पारा, लोग घरों में कैद रहने को मजबूर

रूस में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। मंगलवार को यकुतिया इलाके में पारा माइनस 67 डिग्री तक चला गया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

GST काउंसिल की 25वीं मीटिंग, देखिए ये चीजें हुईं सस्ती

गुरुवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में आम जनता के लिए जीएसटी को और भी ज्यादा सरल करने के मुद्दे पर बात हुई।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper