विज्ञापन

ब्रह्मांड में तेजी से बढ़ रहा ‘कासर’ ब्लैक होल का खतरा, जीवन बचाने की नहीं रहेगी कोई गुंजाइश

एजेंसी, मेलबर्न Updated Wed, 16 May 2018 07:24 PM IST
ब्लैक होल
ब्लैक होल
ख़बर सुनें
वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में सबसे तेजी से बढ़ने वाले ब्लैक होल का पता लगाया है। इसके बारे में विस्तार से बताते हुए ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक ऐसा विशाल खगोलीय पिंड है जो हर दो दिन में सूरज के जितने वजन के खगोलीय पिंड को निगल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
‘कासर’ नाम से खोजे गए इस ब्लैक होल से निकलने वाली उर्जा ज्यादातर पराबैंगनी किरणों से निकलने वाली होती है साथ ही इसमें एक्स-रे किरणें भी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर ये पृथ्वी के समक्ष स्थित दूधिया आकाशगंगा के पास स्थापित हो जाए तो इससे निकलने वाली अधिकतम हानिकारक और जहरीली उर्जा से धरती पर जीवन बचने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। 

वैज्ञानिकों ने 120 साल से अधिक समय पहले के दौरान का शोध किया है जब पूरा ब्रह्मांड एक काले अंधेरे में हुआ करता था। उस दौरान इस विशाल ब्लैक होल का आकार 20 अरब सूरज के बराबर था। प्रत्येक 10 साल में एक फीसद की दर से इसके आकार में वृद्धि होती रही। लेकिन हाल के वर्षों में इसके आकार में तेजी से वृद्धि हो रही है। 

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के क्रिश्चियन वोल्फ ने कहा है कि इस ब्लैक होल का आकार काफी तेजी से बढ़ रहा है और एक पूरी आकाशगंगा से हजारों गुना ज्यादा इसकी चमक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन ये जितनी मात्रा में गैसों का ये अवशोषण करता है उससे ब्रह्मांड में गर्मी काफी तेजी से बढ़ रही है। इसकी चमक इतनी ज्यादा होगी कि ये आसमान में उपस्थित सारे तारों की चमक को खत्म कर सकता है। 

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Rest of World

निसान के बर्खास्त चेयरमैन कार्लोस घोसन को फिर गिरफ्तार किया गया

जापानी अभियोजकों ने सोमवार को निसान मोटर्स के बर्खास्त चेयरमैन कार्लोस घोसन के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप दर्ज कराए।

11 दिसंबर 2018

विज्ञापन

दुनिया में सबसे ज्यादा गुलाम हमारे देश में ही हैं मौजूद, आंकड़ें देखकर हो जाएगी हैरानी

पूरी दुनिया में आज भी साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोग गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए हैं। ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स 2016 के मुताबिक दुनिया के 167 देशों में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोग गुलाम हैं।

4 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election