विज्ञापन

सिंगापुर में समलैंगिकता पर रोक को अदालत में चुनौती

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 12 Sep 2018 05:34 PM IST
Homosexuality
Homosexuality
विज्ञापन
ख़बर सुनें
भारत में समलैंगिकता पर आए उच्चतम न्यायालय के हालिया ऐतिहासिक फैसले से उत्साहित एक डिस्क जॉकी ने सिंगापुर में गे सेक्स पर रोक को अदालत में चुनौती दी है। यह जानकारी बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आई। जॉनसन ओंग मिंग (43) ने सोमवार को अदालत में याचिका दायर की। वह दलील देंगे कि धारा 377ए को रद्द किया जाए क्योंकि यह सिंगापुर के संविधान से असंगत है।
विज्ञापन
भारतीय उच्चतम न्यायालय ने कुछ दिन पहले ऐतिहासिक फैसले में सहमति से गे सेक्स को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया था और स्वतंत्र और सहिष्णु समाज की दिशा में इसे एक अहम कदम करार दिया था, जिसके कुछ दिन बाद ही मिंग ने अदालत में समलैंगिकता पर रोक को चुनौती दी है।

मिंग ने चैनल न्यूज एशिया से बुधवार को कहा कि उसने अदालत जाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि एलजीबीटीक्यू समूहों का मुख्यधारा की मीडिया में सही तरीके से प्रतिनिधित्व नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों की जिंदगी सहायता और संसाधान के बिना अकेले गुजरती है और सिंगापुर के एलजीबीटी के लिए यह अक्सर तनावपूर्ण होता है।

मिंग ने कहा कि सबसे अहम यह है कि मैं एक अपराधी नहीं हूं और मैं नहीं चाहता हूं कि अपने देश में पूरी जिंदगी एक अलग रूप में पेश किया जाऊं। यह मनोवैज्ञानिक तौर पर परेशान करता है और आप जिंदगी भर सोचते रहते हैं कि आप अन्य से कमतर हैं। (इनपुट : भाषा)

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Rest of World

प्रतिबंधों पर अमेरिका को रूस ने ‘आग से खेलने’ की चेतावनी दी

रूस के विदेश उपमंत्री सर्गेई रयाबकोव ने बयान जारी कर कहा, ‘‘उनके लिये यह याद रखना बेहतर होगा कि वैश्विक स्थिरता जैसी भी कोई परिकल्पना है जिसे वह रूसी और अमेरिकी रिश्तों में तनाव लाकर लगातार बिना सोचे समझे नजरंदाज कर रहे हैं।’’

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सफाईकर्मी को दिया हैरतंगेज तोहफा

ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कुछ ऐसा किया कि उनकी हर जगह वाहवाही हो रही है। उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी के एक सफाईकर्मी को कभी न भूलने वाला तोहफा दिया है। हरमन गोर्डन पिछले एक दशक से अपने देश नहीं जा पा रहे थे जिनकी मदद छात्रों ने की।

21 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree