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43 साल बाद वियतनाम में अमेरिका ने उतारा युद्धपोत, चीन को दिया कड़ा संदेश

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 06 Mar 2018 08:55 AM IST
यूएस नेवी
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वियतनाम के साथ अमेरिका का युद्ध खत्म होने के बाद सोमवार को अमेरिका ने पहली बार एयरक्राफ्ट ले जाने में सक्षम एक जहाज वियतनाम के बंदरगाह पर भेज दिया है। इस कार्रवाई से बहुत साफ है कि अमेरिका किसी भी सूरत में दक्षिण-चीन सागर क्षेत्र के भीतर चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए तैयारी कर चुका है। चीन के लिए यह अब तक का सबसे खतरनाक संकेत है क्योंकि अमेरिका ने पहली बार अपने पारंपरिक शत्रु देश के बंदरगाह पर ड्रैगन का बढ़ता प्रभाव कम करने के लिए विमानवाहक पोत को भेजकर दोस्ती गांठी है।
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वियतनाम में अमेरिकी युद्ध झेल चुके केंद्रीय बंदरगाह शहर ‘दानांग’ में अमेरिका ने अपने पोत ‘कार्ल विंसन’ पोत का लंगर डाल दिया है, जो अब यहां सबसे बड़ी पोस्ट के रूप में अपनी सेवा देना शुरू कर देगा। अमेरिकी युद्धपोत के कमांडर रियर एडम ने कहा कि यह बेहद ही बड़ा और ऐतिहासिक कदम है क्योंकि यहां पर 40 साल तक कोई मालवाहक जहाज नहीं रहा है। रियर एडम ने कहा कि यह कदम इस क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इस इलाके में चीन ने काफी निर्माण कार्य कर लिया है, और चीन इस इलाके पर अपना दावा भी करता है, इसलिए अमेरिकी पोत की यहां तैनाती चीन के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

इससे पहले रियर एडम के पिता जॉन वी. फुलर भी वियतनाम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं लेकिन तब दोनों देशों में शत्रुता के संबंध थे। कार्ल विंसन पोत पहली बार 5,500 नाविकों के  के साथ वियतनाम पहुंचा है जिसके साथ हजारों अमेरिकी सैन्य कर्मी वियतनाम की धरती पर उतर चुके हैं। हालांकि अपने चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान बंदरगाह पर अमेरिकी पोत कर्मचारी एक अनाथालय और एजेंड ओरेंज के पीड़ितों के लिए दौरा करेंगे, जहां वियतनाम के जहर पीड़ित लोगों को रखा जाता है। लेकिन इस समाज सेवा के पीछे का मकसद चीन के इस इलाके में बढ़ते प्रभुत्व को चुनौती देना है। इससे पहले चीनी आपत्ति के बावजूद दक्षिण चीन सागर से अमेरिका अपने जंगी पोतों को गुजार चुका है।

इलाके पर चीन जताता रहा है अपना दावा

अमेरिकी पोत कार्ल विंसन दक्षिण-चीन सागर में तैनात किया गया है जो दुनिया की सबसे व्यस्त शिपिंग मार्ग में से एक है। यहां छह सरकारें प्रतिस्पर्धा का दावा कर रही हैं जिनमें से चीन प्रमुख है। इलाके में चीन ने अपने व्यापक सुधार कार्यक्रम चलाते हुए कई चट्टानों को काटकर यहां विशाल कृत्रिम द्वीपों का निर्माण कर लिया है और यहां वह अपने सैन्य ठिकाने बना रहा है। अकेले 2017 में यहां चीन ने करीब दो लाख 90 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र की भूमि पर स्थायी सुविधाओं का निर्माण किया है। अमेरिका इस इलाके में अपने लिए समर्थन जुटा रहा है और वियतनाम उसे सबसे बेहतर साथी दिखाई दे रहा है।

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