पाक शर्मसार : मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने फ्रांस से मांगी माफी

एजेंसी, इस्लामाबाद Updated Tue, 24 Nov 2020 01:40 AM IST
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Shireen Mazari
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सार

  • शिरीन मजारी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति को नाजी बताने के बाद डिलीट किया विवादित ट्वीट

विस्तार

पाकिस्तान को एक बार फिर विश्व स्तर पर उस वक्त शर्मसार होना पड़ा जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति पर की गई पाक मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी को न सिर्फ अपना विवादित ट्वीट वापस लेना पड़ा बल्कि उन्हें अपने किए की माफी भी मांगनी पड़ी। मजारी ने कहा था कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सरकार मुस्लिमों पर उसी तरह के अत्याचार कर रही है जैसे नाजी शासनकाल में यहूदियों पर किए गए।
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पाकिस्तानी मंत्री के इस ट्वीट पर राष्ट्रपति मैक्रों नाराज हो गए और फ्रांस ने मजारी से टिप्पणी को वापस लेने की मांग की। दो दिन पूर्व शिरीन मजारी ने एक लेख का हवाला देते हुए कुछ ट्वीट किए थे जिनमें कहा गया था कि मैक्रों सरकार वहां के मुसलमानों पर नाजियों द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों जैसा बर्ताव कर रही है। इस पर फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने अपने पाकिस्तानी दूतावास को पाक सरकार से संपर्क कर आपत्ति जताने को कहा। फ्रांस ने कहा कि या तो मंत्री अपने दावे के पक्ष में सुबूत पेश करें अन्यथा माफी मांगें। जियो न्यूज के मुताबिक फ्रांस के सख्त रवैये के आगे पाकिस्तान को झुकना पड़ा और मानवाधिकार मंत्री को माफी मांगनी पड़ गई। मजारी ने लिखा, मैं अपनी गलती सुधारते हुए ट्वीट डिलीट कर रही हूं और इस गलती के लिए माफी मांगती हूं।


मजारी का ट्वीट झूठा व नफरत फैलाने वाला
फ्रांस ने पाकिस्तानी मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी के ट्वीट को घृणा से परिपूर्ण और नफरत फैलाने वाला बताया। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ये शब्द सरासर झूठे और हिंसा की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। हम इसका विरोध करते हैं। किसी भी हालात में ऐसी बातें स्वीकार नहीं है। मंत्री सुबूत पेश करें वरना माफी मांगे।

पाक में जारी है फ्रांस का विरोध
पाकिस्तान में फ्रांस के राष्ट्रपति का जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। तहरीक-ए-लब्बैक ने इस्लामाबाद में काफी हंगामा मचाने के बाद सरकार ने फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का समर्थन भी किया। राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा फ्रांस में आतंकवाद के विरोध में की गई कार्रवाई का पाकिस्तान और तुर्की लगातार विरोध करते रहे हैं।

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