विज्ञापन

इमरान सरकार का इस्तेमाल कर मुशर्रफ को बचाने के लिए लड़ेगी पाक सेना

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 29 Dec 2019 02:06 AM IST
विज्ञापन
परवेज मुशर्रफ (फाइल फोटो)
परवेज मुशर्रफ (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
ख़बर सुनें
पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ पर लगे देशद्रोह के मामले में विशेष अदालत द्वारा दिए सजा-ए-मौत के ऐतिहासिक फैसले के बाद पाक सेना इमरान सरकार के सहारे उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश करेगी। यह फैसला देश में शक्ति संतुलन पर खतरा पैदा करेगा और सेना इसे अपने लिए बड़ा खतरा मानती है।
विज्ञापन
यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) नामक थिंकटैंक ने यह दावा करते हुए बताया कि पाकिस्तान में सैन्य प्रतिष्ठान शक्ति संतुलन का सबसे अहम केंद्र बना रहना चाहता है। थिंकटैंक ने दावा किया कि अदालत भले ही शुक्रवार को मुशर्रफ द्वारा लाहौर हाईकोर्ट में लगाई गई सजा से माफी की याचिका को लौटा दे लेकिन पाक सेना किसी भी तरह से इस मुद्दे पर अपनी नाक नीचे नहीं होने देगी। 

ईएफएसएएस ने कहा, विशेष अदालत का मुशर्रफ पर मौत की सजा का फैसला पाकिस्तान में पिछले सात दशक के इतिहास में पहली बार किसी सेना प्रमुख (सेवारत या सेवानिवृत्त) के विरुद्ध आया है और इससे सेना के बर्चस्व पर खतरा पैदा हो सकता है। इसीलिए मुशर्रफ को मिली सजा पाक सेना को नागवार गुजरी और उसने अदालती फैसले पर सवाल उठाए।

कठपुतली की तरह काम कर रहे इमरान
यूरोपियन थिंक टैंक के अनुसार इस वक्त पाकिस्तान में किसी तरह के तख्तापलट की आशंका बेहद कम हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री इमरान खान सेना की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। कई ऐसे मौके सामने आए हैं जब इमरान खान सरकार न्यायिक और राजनीतिक मोर्चे पर सेना के साथ खड़ी दिखाई दी है।

हाईकोर्ट ने मुशर्रफ की अर्जी लौटाई
लाहौर हाईकोर्ट ने मुशर्रफ की उस अर्जी को वापस लौटा दिया है जिसमें विशेष अदालत द्वारा उन्हें दी गई मौत की सजा को चुनौती दी गई थी। मुशर्रफ ने यह चुनौती विशेष अदालत में शीतकालीन अवकाश के चलते पूर्ण पीठ की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए दायर की थी। लाहौर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने शुक्रवार को दायर यह आवेदन लौटा दिया है। इसमें संघीय सरकार और अन्य लोगों को उत्तरदाताओं के रूप में नामित किया गया था। 

रजिस्ट्रार ने याचिकाकर्ता को जनवरी के पहले सप्ताह में इसे फिर से भरने के लिए कहा। हालांकि तीन सदस्यीय पीठ 9 जनवरी को मुशर्रफ के मुख्य आवेदन पर सुनवाई को तैयार है जिसमें उन्होंने देशद्रोह संबंधी सभी मुकदमों को चुनौती दी थी। लेकिन अदालत ने इन दोनों मामलों को अलग-अलग रखने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us