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Nepali Congress: क्या नेपाली कांग्रेस की अब अपना गठबंधन बचाने में दिलचस्पी नहीं है?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 04 Oct 2022 04:59 PM IST
सार

Nepali Congress: नेपाल में प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों के लिए आम चुनाव 20 नवंबर को होगा। प्रतिनिधि सभा में 165 सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन के जरिए चुने जाते हैं। बाकी 110 सीटों का आवंटन दलों को मिले वोट फीसदी के आधार पर होता है। सातों प्रांतों की असेंबलियों में भी यही फॉर्मूला लागू होता है...

Nepal Congress> पुष्प कमल दहाल के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा
Nepal Congress> पुष्प कमल दहाल के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

नेपाली कांग्रेस सत्ताधारी गठबंधन में सीट बंटवारे पर फैसला होने से पहले ही अगले आम चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुट गई है। उसने आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित होने वाली सीटों के लिए अपनी संशोधित लिस्ट पेश कर दी है। उसने संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा और प्रांतीय असेंबलियों दोनों के लिए अपनी ये सूची तैयार कर ली है।

नेपाल में प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों के लिए आम चुनाव 20 नवंबर को होगा। प्रतिनिधि सभा में 165 सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन के जरिए चुने जाते हैं। बाकी 110 सीटों का आवंटन दलों को मिले वोट फीसदी के आधार पर होता है। सातों प्रांतों की असेंबलियों में भी यही फॉर्मूला लागू होता है।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व ने सीट आवंटन के प्रश्न पर अपने असंतुष्ट खेमे को मना लिया है। पार्टी में शेखर कोइराला के नेतृत्व वाले खेमे ने चेतावनी दी थी कि अगर उससे जुड़े नेताओं को पर्याप्त संख्या में टिकट नहीं मिले, तो वह नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवारों के पक्ष में काम नहीं करेगा। कोइराला खेमा पार्टी की तरफ से मैदान में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों में 40 फीसदी हिस्सा मांग रहा था। लेकिन बाद में वह 35 फीसदी पर राजी हो गया।

प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा सरकार में सूचना और संचार मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कारकी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि टिकट पर समझौता होना पार्टी के दोनों गुटों के फायदे में है। कोइराला खेमे के नेता भूपेंद्र जंग शाही ने भी मीडियाकर्मियों से बातचीत में पुष्टि की कि दोनों गुटों में समझौता हो गया है।

नेपाली कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची निर्वाचन आयोग को सौंप दी है। नेपाल के चुनाव कानून के तहत पार्टियों को तय समयसीमा के भीतर आनुपातिक आवंटन वाली सीटों के लिए अपनी सूची निर्वाचन आयोग को सौंपनी पड़ती है। प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी करने की आखिरी तारीख नौ अक्तूबर है। इन पर सत्ताधारी गठबंधन में अभी सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे संकेत हैं कि जनता समाजवादी पार्टी पर्याप्ट टिकट न मिलने पर गठबंधन छोड़ देगी। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) भी उसे ऑफर की गई सीटों की संख्या से नाराज बताई जाती है।

विश्लेषकों के मुताबिक इन बातों की अनदेखी करते हुए नेपाली कांग्रेस अपने उम्मीदवार तय करने की दिशा में आगे बढ़ी है। इसे इस बात का संकेत समझा गया है कि वह सहयोगी दलों को सीट देने के सवाल पर एक सीमा से ज्यादा लचीलापन नहीं दिखाएगी। इसके बदले वह पार्टी के अंदर सभी गुटों में एकता कायम रखने को तरजीह दे रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री देउबा के खेमे ने कोइराला गुट के प्रति नरम रुख अख्तियार किया। कोइराला गुट ने पहले आरोप लगाया था कि उससे जुड़े नेताओं को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।

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खबरों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व ने आनुपातिक आवंटन वाली सीटों के लिए एक सूची पहले ही तैयार कर ली थी। लेकिन कोइराला खेमे को संतुष्ट करने के लिए बाद में उसमें संशोधन किया गया।

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