क्या चाहता है नेपाल? अयोध्या और श्रीराम के बाद अब गौतम बुद्ध को बनाया मुद्दा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Updated Sun, 09 Aug 2020 10:41 PM IST
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नेपाल विदेश मंत्रालय
नेपाल विदेश मंत्रालय - फोटो : सोशल मीडिया

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नेपाल के विदेश मंत्रालय ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने महात्मा बुद्ध को भारतीय बताया था। रविवार को जारी एक बयान में नेपाली विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक सबूतों द्वारा सिद्ध सर्वविदित तथ्य है कि गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था। बता दें कि जयशंकर ने शनिवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में दावा किया था कि बुद्ध भारतीय थे। 
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बयान में कहा गया, 'यह ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों से सिद्ध और सुस्थापित तथ्य है कि गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था। बुद्ध की जन्मस्थली और बौद्ध धर्म की उत्पत्ति स्थली लुंबिनी यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में से एक है।' मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 में नेपाल यात्रा का उल्लेख भी किया, जिसमें मोदी ने कहा था, 'नेपाल ऐसा देश है जहां विश्व शांति के प्रतीक बुद्ध का जन्म हुआ था।'
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, यही सच है कि बौद्ध धर्म समय के साथ नेपाल से दुनिया के अन्य हिस्सों में प्रसारित हुआ। बयान में कहा गया कि यह मामला किसी विवाद या शक से परे है और यह बहस का मुद्दा नहीं हो सकता। पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बारे में पता है।
नेपाल की तरफ से ये दूसरा बड़ा मुद्दा छेड़ा गया है जो सीधे भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने विवादित बयान देते हुए भारतीय अयोध्या को नकली बताते हुए कहा था कि असली अयोध्या नेपाल में है। उनके इस बयान की नेपाल में भी तीखी आलोचना हुई थी। अब नेपाल ने गौतम बुद्ध को लेकर अनावश्यक विवाद छेड़ने की कोशिश की है। 

पीएम ओली ने श्रीराम जन्मस्थली पर फिर किया दावा   
वहीं, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बार फिर दावा किया है कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली नेपाल का चितवन जिला है। इसी जिले में माडी नगरपालिका क्षेत्र है। इसके एक क्षेत्र का नाम अयोध्यापुरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली ने इस क्षेत्र के अधिकारियों से फोन पर बातचीत की।  

नेपाल के अखबार ‘हिमालयन टाइम्स’ के मुताबिक, ओली ने माडी और चितवन के अधिकारियों और नेताओं से दो घंटे फोन पर बातचीत की। आगे बातचीत के लिए उन्हें काठमांडू भी बुलाया। ओली ने कहा कि मुझे भरोसा है कि भगवान राम का जन्म नेपाल के अयोध्यापुरी में हुआ था। भारत के अयोध्या में नहीं। मेरे पास सुबूत हैं, जो यह साबित कर देंगे कि भगवान राम का जन्म नेपाल में ही हुआ था। 
 

  
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