लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   World ›   NASA will bring soil samples with the help of a small rocket from Mars

अमेरिका: मंगल से छोटे रॉकेट की मदद से मिट्टी के नमूने लाएगी नासा

एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 11 Feb 2022 03:20 AM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार होगा जब किसी दूसरे ग्रह से नमूने पृथ्वी पर आएंगे। एक बार पृथ्वी पर पहुंचने के बाद इनका अध्ययन हो सकेगा।

नासा
नासा - फोटो : Nasa.gov.in
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा एक रॉकेट की मदद से मंगल ग्रह से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाएगी। इसे बनाने के लिए एजेंसी ने लॉकहीड मार्टिन स्पेस लिटिलटन कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है। यह कंपनी मार्स एसेंट व्हीकल (एमवी) बनाएगी। इसके जरिये मंगल की सतह से अंतरिक्ष में यान तक चट्टानों, मिट्टी और हवाओं के नमूनों को पहुंचाया जाएगा।



इन नमूनों को पृथ्वी तक लाने की तैयारी मार्स सैंपल रिटर्न प्रोग्राम के तहत होनी है जिसकी भी तैयारियां चल रही हैं। इस काम के लिए यह पहली रोबोटिक यात्रा होगी और एमवी को मंगल तक भेजा जाएगा। जो कि एक छोटा और कम भार वाला रॉकेट होगा।


एमएवी किसी दूसरे ग्रह से प्रक्षेपित किया जाने वाला पहला रॉकेट होगा। इसके साथ ही अभियान में शामिल नासा का सैंपल रिटर्न लैंडर एमएवी को मंगल की सतह पर ले जा कर जेजीरो क्रेटर या उसके पास उतारेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार होगा जब किसी दूसरे ग्रह से नमूने पृथ्वी पर आएंगे। एक बार पृथ्वी पर पहुंचने के बाद इनका अध्ययन हो सकेगा।

2026 में होगा प्रक्षेपित
लैंडर को साल 2026 के शुरुआत में नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया जाएगा। लॉकहीड मार्टिन स्पेस बहुत सारी एमएवी टेस्ट यूनिट और एक फ्लाइट यूनिट भी मुहैया कराएगी। इसमें जमीन से सहयोग लेने वाले उपकरण भी शामिल होंगे।

वापस आना भी कठिन काम
नासा विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मंगल ग्रह पर कोई यान भेजने जैसा अभियान नहीं है बल्कि, मंगल से भी प्रक्षेपित होकर वापस आने का अभियान है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) के अंतरिक्ष यान पर ही नासा का कैप्चर, कंटेनमेंट और रिटर्न सैंपल पेलोड लगा होगा। जिसमें कंटेनर पहुंचने के बाद यान पृथ्वी की ओर साल 2030 के मध्य तक लौटेगा। इन नमूनों को लाना एक जटिल काम है। एमएवी को मंगल के वातावरण को झेलने के लायक होना होगा। तभी वह दूसरे अंतरिक्ष यान के साथ मिलकर काम कर सकेगा।

कई रहस्यों से उठेगा पर्दा
मंगल पर उतरे नासा के अंतरिक्षयान पर्सिवियरेंस रोवर द्वारा जमा किए गए नमूनों से ग्रह के पुरातन इतिहास की जानकारी मिलेगी। इस बात की भी पुष्टि हो सकेगी कि क्या मंगल पर कभी जीवन रहा था या नहीं। इसके अलावा भी इन नमूनों से बहुत से रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा। पर्सिवियरेंस नासा की ओर से मंगल पर उतारा गया दूसरा एक टन वजन का रोवर है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00