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टैलेंट लॉकडाउन नहीं: समंदर में फंसे संगीतकार ने एक दिन में बनाया रेडियो स्टेशन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 29 May 2020 11:56 AM IST
संगीतकार
संगीतकार - फोटो : Facebook
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कोरोना वायरस ने दुनिया में करोड़ों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। हालांकि कुछ ऐसे भी हैं जो तमाम दिक्कतों के बीच भी धैर्य के साथ अपने रास्ते की तलाश कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं 40 साल के संगीतकार जुआन जेड। चार सालों से जहाज से सफर करना जुआन की जिंदगी का हिस्सा रहा है।



जुआन को क्लोज ऑपरेटर एंड ऑस्ट्रेलिया ने सवारियों का मनोरंजन करने के लिए नौकरी पर रखा गया था लेकिन अब वह दो महीनों से एक ऐसे जहाज में सफर करने को मजबूर हैं जिसमें कोई सवारी नहीं है। उन्हें फिलहाल अपने घर लौटने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है। जुआन का घर कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में है।


उनका कहना है, कम से कम मैं हर रोज उगते हुए सूरज को तो देख पा रहा हूं। मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं लेकिन मैं अब घर लौटना चाहता हूं और अपने बच्चों को देखना चाहता हूं। जुआन जिस जहाज पर फंसे हैं उसका नाम पैसिफिक एक्सप्लोरर है। यह फिलीपींस के मनीला की खाड़ी में फंसे 20 जहाजों में से एक है। यह जगह किसी बड़े समुद्री पार्किंग की तरह बन चुकी है। जहाज के क्रू मेंबर्स को सामाजिक दूरी के सख्त नियमों का पालन करना होता है। इस पर सवार गिने-चुने लोगों का तापमान दिन में दो बार जांचा जाता है।

जुआन का मानना है कि दूसरे जहाजों में लोगों को जो झेलना पड़ रहा है उसके हिसाब से वह बेहतर स्थिति में हैं। हम अपने जहाज पर कई तरह की मनोरंजक गतिविधियां कर रहे हैं। फिटनेस प्रोग्राम चला रहे हैं ताकि लोगों को इस स्थिति से निकलने में मदद मिले। हम एक रेडियो स्टेशन भी चला रहे हैं, मैं उसका एक प्रस्तुत करता हूं। जुआन म्यूजिक वीडियो बनाने में भी समय बिता रहे हैं जिसे वह सोशल मीडिया पर डालते हैं। उन्होंने जहाज पर छाई वीरानगी के चलते उसे ‘घोस्ट शिप’ नाम दिया है।

समंदर में ऐसे फंसा जहाज  
ऑस्ट्रेलिया जहाज पैसिफिक एक्सप्लोरर जब सिंगापुर के रास्ते में था तब कोरोना के संक्रमण की खबर आई थी। जुआन याद करते हुए कहते हैं- सिडनी से चले हमें तीन दिन बीत चुके थे तभी कैप्टन ने घोषणा की कि हम बंदरगाह की ओर लौट रहे हैं। सभी सवारियों के उतरने के बाद भी क्रू सदस्यों को जहाज पर ही रुकने को कहा गया।

जुआन बताते हैं- हालांकि हम ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के लिए काम करते हैं लेकिन हमारे जहाज पर ब्रितानी झंडा आधिकारिक तौर पर लगा हुआ था।

आखिरकार जहाज को मनीला की खाड़ी में अनुमति मिल गई क्योंकि ज्यादातर क्रू सदस्य फिलीपींस के थे। बुरे हालात तब पैदा हो गए जब अंबो तूफान की दस्तक फिलीपींस के तटीय क्षेत्र पर सुनाई देने लगी। उसने जहाज को पानी में फिर से तैरने के लिए मजबूर कर दिया।

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