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बूस्टर भी बेकार?: इस्राइल में लोगों को लग रही कोरोना वैक्सीन की चौथी डोज, पर नतीजों से वैज्ञानिकों में निराशा, जानें क्या है वजह

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 18 Jan 2022 05:01 PM IST

सार

शेबा अस्पताल के संक्रामक रोग के निदेशक डॉक्टर गिली रेजेव-योचय ने कहा, "वैक्सीन जो पिछले वैरिएंट के खिलाफ काफी प्रभावी थीं, वे ओमिक्रॉन के खिलाफ काफी कम प्रभावी हैं।"
इस्राइल मेे दी जा रही दूसरी बूस्टर खुराक।
इस्राइल मेे दी जा रही दूसरी बूस्टर खुराक। - फोटो : Istock
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विस्तार

दुनियाभर में कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट जबरदस्त तेजी से फैल रहा है। खासकर अमेरिका और यूरोप में इस वैरिएंट की वजह से अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ा है। इस्राइल ने इन स्थितियों से बचने के लिए ही पिछले महीने अपने नागरिकों को वैक्सीन की चौथी डोज लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि, इस्राइली अस्पतालों की तरफ से आई शुरुआती रिपोर्ट बूस्टर डोज के लगातार इस्तेमाल की तरफ निराशा बढ़ाने वाली दिखती है। इसमें कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन की चौथी डोज भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सीमित सुरक्षा ही देती है। 
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इस्राइल में क्यों लग रहीं वैक्सीन की चौथी डोज?
दरअसल, ओमिक्रॉन की पहचान के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि वैक्सीन की दो डोज समय के साथ अपनी घटती प्रभावशीलता की वजह से इस वैरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी होंगी। ऐसे में लोगों को इस वैरिएंट से सुरक्षा के लिए तीसरी यानी बूस्टर डोज की जरूरत होगी। मजेदार बात यह है कि इस्राइल में पहले ही कोरोना वैक्सीन की घटती प्रभावशीलता और वायरस से अतिरिक्त बचाव के लिए वैक्सीन की तीसरी डोज लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद देश में लोगों का ओमिक्रॉन से संक्रमित होना जारी रहा। 


इसके चलते बाद में इस्राइल सरकार ने नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की चौथी डोज लगाने का फैसला किया। अब शेबा अस्पताल की तरफ से टीके की चौथी डोज पा चुके 270 चिकित्सकों पर रिसर्च में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया गया है कि 270 में से 154 को फाइजर की वैक्सीन लगी थी, जबकि 120 को मॉडर्ना। यह सभी लोग पहले भी तीन बार फाइजर की वैक्सीन लगवा चुके थे। 

चौथी डोज को लेकर क्या आए नतीजे?
रिसर्च में सामने आया कि चौथी डोज लगवाने के बाद सभी में एंटीबॉडीज की मात्रा पिछली यानी तीसरी डोज लगवाने के बाद से ज्यादा पाई गईं। हालांकि, यह बढ़ी हुई एंटीबॉडीज भी ओमिक्रॉन के प्रसार को नहीं रोक पाईं। स्टडी के मुताबिक, चौथी डोज से बढ़ी एंटीबॉडीज से भी ओमिक्रॉन के खिलाफ आंशिक सुरक्षा ही मिल पाई। 

अस्पताल के संक्रामक रोग के निदेशक डॉक्टर गिली रेजेव-योचय ने कहा, "वैक्सीन जो पिछले वैरिएंट के खिलाफ काफी प्रभावी थीं, वे ओमिक्रॉन के खिलाफ काफी कम प्रभावी हैं।" इन नतीजों के बाद इस्राइल के अपने 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों और चिकित्सकों को दूसरी बूस्टर डोज (कुल चौथी डोज) दिए जाने के फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री बोले- बूस्टर के औचित्य पर आगे बहस जरूरी
इस्राइल सरकार का कहना है कि बीते हफ्तों में कम से कम पांच लाख लोगों को दूसरी बार बूस्टर डोज लगा है। इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के निदेशक डॉक्टर नहमन ऐश के मुताबिक, इस रिसर्च में यह नहीं कहा गया है कि वैक्सीन की चौथी डोज हमारी गलती थी। बुजुर्गों में एंटीबॉडी का बढ़ा स्तर उन्हें ज्यादा सुरक्षा ही मुहैया कराएगा। हालांकि, आगे फिर बूस्टर डोज लगाए जाने के फैसले पर अब व्यापक बहस जरूरी है।  

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