विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रह्मांड पर नजर रखने में कामयाब होंगे भारतीय वैज्ञानिक, क्या है ये विशेष तकनीक लिगो

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 07 Dec 2018 03:43 PM IST
लिगो तकनीक से पता चलेगा ब्लैक होल के विस्फोट कैसे होता है
लिगो तकनीक से पता चलेगा ब्लैक होल के विस्फोट कैसे होता है - फोटो : file photo
ख़बर सुनें
गुरुत्वाकर्षण तरंगों के बारे में जानकारी जुटाने और ब्लैक होल में होने वाले विस्फोट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के मामले में वैज्ञानिकों ने कामयाबी हासिल की है। अमेरिका ने लिगो नामक ऐसा यंत्र बनाया है जिसके जरिए ब्लैक होल विस्फोट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा सकेगी। फिलहाल यह सुविधा अमेरिका के पास मौजूद है। वहां इस तरह की दो प्रयोगशालाएं हैं। लिगो यंत्र ने निर्माण में भारत के वैज्ञानिक भी जुटे हुए हैं और ऐसा माना जा रहा है कि भारत के वैज्ञानिक भी वर्ष 2025 तक गुरुत्वाकर्षण तरंगों को मापने वाला लिगो यंत्र बना लेंगे।

 क्या है लिगो

लि गो का अर्थ 'लेसर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव आब्जर्वेटरी' को जानने के लिए हमें गुरुत्वाकर्षण तरंगों के बारे में जानना जरूरी है। अलबर्ट आइंस्टीन ने करीब 100 साल पहले 'जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी' यानी सापेक्षता का सामान्य सिद्धांत दिया था। तर्कों के आधार पर उन्होंने समझाया था कि स्पेस और टाइम आपस में गुथे हुए हैं, जो स्पेसटाइम बनाता है।
विज्ञापन
ऐसे में स्पेस के तीन आयाम के साथ टाइम के आयाम को भी जोड़कर देखा जाना चाहिए। इस तरह यह स्पेसटाइम एक आयामी चादर है। ग्रहों या तारों की गैरमौजूदगी में यह सपाट चादर की तरह होता है। मगर इनकी मौजूदगी इसे एक अलग आकार का बना देती है। गुरुत्वाकर्षण इसी घुमाव यानी कर्व का परिणाम है। 

ग्रह या तारे का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, गुरुत्वाकर्षण भी उतना अधिक होता है। विज्ञानमंडल में कई ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, जिनसे इस चादर में कंपन्न होती है। यही कंपन्न तरंगें पैदा करती हैं। इन्हीं तरंगों को गुरुत्वाकर्षण कहते हैं। 

100 साल पहले आइंस्टीन की इस परिकल्पना पर आधुनिक विज्ञान न अब जाकर मुहर लगाई है। वैज्ञानिकों के रडार पर सितंबर 2015 में ऐसी एक तरंग आई थी, जो 1.3 अरब साल पहले दो ब्लैक होल के टकराने से निकली थी। इसके बाद वैज्ञानिक इस खोज में जुट गए कि यह तरंगे क्या हैं।  एकबार फिर से जून 2016 में वैज्ञानिकों को इन तरंगों का पता चला।

दोनों ही बार तरंगों की पहचान अमेरिका स्थित दो भूमिगत डिटेक्टर्स ने की, जो 'लेसर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (लिगो) परियोजना का हिस्सा हैं। प्रोजेक्ट पर काम करने वालों में भारतीय वैज्ञानिकों की टीम इंडिगो भी शामिल थी, जिसने डिटेक्टर्स से प्राप्त आंकड़े के विश्लेषण के लिए विधियां विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019
ज्योतिष समाधान

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

World

भारत को रिझाने में लगा चीन, वुहान जैसी एक और बैठक की तैयारी

चीन का कहना है कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए वुहान की तरह इस साल एक और शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।

19 अप्रैल 2019

विज्ञापन

800 साल पुराने चर्च में लगी भीषण आग, देखिए कैसे जमींदोज हुआ शिखर

पेरिस के नोट्रे-डेम कैथेड्रल चर्च में भीषण आग लग गई। आग की वजह से चर्च का शिखर जमींदोज हो गया। 800 साल पुरानी इस धरोहर के नष्ट होने को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति सहित अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर दुख जताया है।

16 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election