लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   World ›   IMF warns Bangladesh of balance of payments crisis

Bangladesh: आईएमएफ की चेतावनी से बांग्लादेश में बज उठीं खतरे की घंटियां

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 28 Sep 2022 06:29 PM IST
सार

Bangladesh: इस साल के आरंभ में बांग्लादेश के विदेशी मुद्रा भंडार 45.5 बिलियन डॉलर के बराबर था। लेकिन अब यह 38.91 बिलियन डॉलर ही रह गया है। बांग्लादेश सरकार ने कच्चे तेल के आयात में बढ़ते घाटे को देखते हुए हाल में देश के अंदर पेट्रोलियम की कीमतों में बढ़ोतरी की है...

Bangladesh- Prime minister Sheikh Hasina
Bangladesh- Prime minister Sheikh Hasina - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

बांग्लादेश में भुगतान संतुलन का संकट खड़ा होने के बारे में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की चेतावनी के बाद यहां खतरे की घंटी बज उठी है। आईएमएफ ने ये चेतावनी बांग्लादेश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आती गिरावट को देखते हुए दी है। इस साल के आरंभ में बांग्लादेश के विदेशी मुद्रा भंडार 45.5 बिलियन डॉलर के बराबर था। लेकिन अब यह 38.91 बिलियन डॉलर ही रह गया है।

बांग्लादेश सरकार ने कच्चे तेल के आयात में बढ़ते घाटे को देखते हुए हाल में देश के अंदर पेट्रोलियम की कीमतों में बढ़ोतरी की। उसकी वजह से देश में महंगाई में तेज उछाल आया है। एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के अधिकारी अराफात नईम ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम को बताया- ‘सब्जियों और दालों की कीमत में 30 से 50 फीसदी की वृद्धि हो गई है। व्यापारी कह रहे हैं कि अब उन्हें परिवहन पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। यहां तक कि चावल भी महंगा हो गया है। ऐसे में आम लोग कैसे गुजारा करेंगे?’

विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और महंगाई- बांग्लादेश में एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रही हैं। इसके मद्देनजर बीते जुलाई में बांग्लादेश सरकार ने कर्ज पाने के लिए आईएमएफ का दरवाजा खटखटया। इस बीच आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट में इस टिप्पणी से बांग्लादेश के अधिकारियों को राहत मिली है कि विदेशी कर्ज के मामले में बांग्लादेश की स्थिति बेहतर है। बांग्लादेश पर अभी 93.2 बिलियन डॉलर का कर्ज है, जो उसके सकल घरेलू उत्पाद के 29 फीसदी के बराबर है। इस बात के उल्लेख का अर्थ यहां यह समझा गया है कि आईएमएफ बांग्लादेश को कर्ज देने के मामले में सकारात्मक रुख अपनाएगा।

वाशिंगटन स्थित अर्थशास्त्री अख्तर महमूद ने कहा है कि बांग्लादेश सरकार ने देश में कमखर्ची बरतने और बहुपक्षीय संस्थानों से कर्ज लेने के बारे में फैसला उचित समय पर कर लिया। यह स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा- ‘इससे जाहिर होता है कि बांग्लादेश सरकार विवेक का परिचय दे रही है। आईएमएफ से कर्ज लेना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है और संकट के समय उससे ऋण लेना बुद्धिमानी की बात है।’

इस बीच बांग्लादेश सरकार डॉलर बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में दूसरी मुद्राओं के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। खास कर उसने चीनी मुद्रा युवान में भुगतान की मात्रा बढ़ा दी है। इससे चीन से होने वाले आयात के लिए उसे डॉलर खर्च नहीं करना पड़ेगा। बांग्लादेश चीन से हर साल 15 से 16 बिलियन डॉलर का आयात करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बांग्लादेश के कुल आयात का दस फीसदी हिस्सा है।

बांग्लादेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त महासचिव अल-मामून मृधा ने निक्कई एशिया से कहा- चीन के साथ व्यापार में युवान का इस्तेमाल एक लाभदायक कदम है। हम काफी समय से इसकी इजाजत मांग रहे थे। बांग्लादेश सेंट्रल बैंक ने यह इजाजत इसी महीने के मध्य में दी है। मृधा ने सुझाव दिया है कि भविष्य में बांग्लादेश में होने वाला सारा निवेश युवान में किया जाए, ताकि देश में युवान का भंडार बड़ा हो सके।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00