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जानें दुनिया का सबसे विवादित स्थल क्यों है यरूशलम

बीबीसी, हिन्दी Updated Mon, 14 May 2018 04:25 PM IST
know why Yerushalem is a disputed place in whole  world
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यरूशलम में सोमवार को नए अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर इजरायल पहुंच गए हैं। दोनों व्हाइट हाउस से वरिष्ठ सलाहकारों समेत इस समारोह में हिस्सा लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसमें मौजूद नहीं होंगे। अमेरिका ने इजरायल की 70वीं वर्षगांठ के दिन अपने फैसले को अमलीजामा पहनाने की योजना बनाई थी।
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इजरायल यरुशलम को अपनी अविभाजित राजधानी मानता है, जबकि फलस्तीनी पूर्वी यरुशलम, जिसपर 1967 के अरब-इजरायल युद्ध में इजरायल ने कब्जा कर लिया था, को उनके भावी राष्ट्र की राजधानी मानते हैं। इजराइलियों और फलस्तीनियों के पवित्र शहर यरूशलम को लेकर विवाद बहुत पुराना और गहरा है। यरूशलम इजराइल-अरब तनाव में सबसे विवादित मुद्दा भी है। ये शहर इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्मों में बेहद अहम स्थान रखता है।

पैगंबर इब्राहिम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले ये तीनों ही धर्म यरूशलम को अपना पवित्र स्थान मानते हैं। यही वजह है कि सदियों से मुसलमानों, यहूदियों और ईसाइयों के दिल में इस शहर का नाम बसता रहा है। हिब्रू भाषा में येरूशलायीम और अरबी में अल-कुद्स के नाम से जाना जाने वाला ये शहर दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। इस शहर को कई बार कब्जाया गया है, ध्वस्त किया गया है और फिर से बसाया गया है। यही वजह है कि यहां की मिट्टी की हर परत में इतिहास की एक परत छुपी हुई है।
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