विज्ञापन

भारत समेत गैर यूरोपीय देशों को ब्रिटेन का झटका, दोगुना करेगा स्वास्थ्य अधिभार

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 14 Oct 2018 04:05 AM IST
UK shock to non-European countries, double health surcharge
ख़बर सुनें
ब्रिटेन सरकार भारत समेत गैर यूरोपीय देशों को बड़ा झटका देने जा रही है। वह दिसंबर से आव्रजन स्वास्थ्य अधिभार (आईएचएस) को दोगुना करने की तैयारी में है। ब्रिटेन के इस कदम से भारत और गैर यूरोपीय देशों के नागरिकों, छात्रों और प्रोफेशनल्स के वीजा शुल्क में बढ़ोतरी हो जाएगी। ब्रिटिश गृह विभाग ने बताया कि आईएचएस को अप्रैल 2015 में लागू किया गया था। इसे दिसंबर से 200 पाउंड से बढ़ाकर 400 पाउंड सालाना किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं छात्रों के लिए यह 150 पाउंड से बढ़कर 300 पाउंड हो जाएगा। इस प्रस्ताव का एलान इस साल की शुरुआत में किया गया और इसे इस हफ्ते संसद के सामने पेश किया गया। सरकार के इस कदम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के लिए करीब 220 मिलियन पाउंड अतिरिक्त जुटने की उम्मीद है। आईएचएस छह महीने से अधिक वक्त के लिए ब्रिटेन में वर्क, स्टडी या पारिवारिक वीजा पर आए व्यक्ति को ब्रिटिश नागरिक की तरह एनएचएस की सुविधा प्रदान करता है। 

ब्रिटिश आव्रजन मंत्री कैरोलाइन नोक्स ने कहा कि हमारी एनएचएस जरूरत के वक्त सभी के लिए उपलब्ध है लेकिन इसमें मुख्य योगदान ब्रिटिश करदाताओं का होता है। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा है न कि अंतरराष्ट्रीय। ऐसे में हम चाहते हैं कि ब्रिटेन आने वाला हर व्यक्ति इसके सही संचालन के लिए अपना योगदान दे। संसद की मंजूरी मिलते ही दिसंबर से बढ़ोतरी लागू हो जाएगी। 

आव्रजन आवेदन के समय देना होगा अधिभार

भारत समेत गैर यूरोपीय देशों के नागरिक जो ब्रिटेन में छह माह या इससे अधिक वक्त रहना चाहते हैं, उन्हें यह अधिभार चुकाना होगा। उन्हें आव्रजन आवेदन के वक्त ही यह अधिभार चुकाना होगा। 

इन्हें नहीं देना होगा यह अधिभार

स्थायी नागरिकों पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। साथ ही शरणार्थियों और आधुनिक गुलाम पीड़ितों को भी इससे छूट हासिल है। 
 

इससे पहले भी भारतीय छात्रों को दिया था झटका

जून महीने में ब्रिटेन ने वीजा आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तैयार की गई सूची से भारत को बाहर कर दिया था। टियर-4 वीजा श्रेणी में ढील नहीं मिलने से भारतीय छात्रों को कड़ी जांच व दस्तावेजी प्रक्रिया से गुजरना होगा जबकि इसमें शामिल चीन, अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, बहरीन और सर्बिया जैसे देशों के छात्रों को ब्रिटिश यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए शिक्षा, वित्त और अंग्रेजी भाषा जैसे मानकों पर कम जांच का सामना करना होगा।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Europe

ब्रेग्जिट : ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने संसद में हासिल किया विश्वास मत

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे की पार्टी ने बुधवार को विश्वास मत हासिल किया है।

13 दिसंबर 2018

विज्ञापन

बिना पैराशूट के प्लेन से कूद गया शख्स, जमीन पर पहुंचने से पहले...

कहते हैं जुनून बड़ी चीज होती है। जुनून में लोग जान की परवाह भी नहीं करते हैं। ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया अमेरिका के ल्यूक आइकिंस ने। उन्होंने बिना पैराशूट के आसमान से छलांग लगा दी और फिर...

13 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree