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नया संकट: चीन के चमगादड़ों में अब मिले कोरोना वायरस के 24 नए स्वरूप 

एजेंसी, वाशिंगटन Published by: Amit Mandal Updated Sun, 13 Jun 2021 05:50 AM IST

सार

  • दक्षिण पश्चिमी चीन में मिले इन स्वरूपों में चार मौजूदा ‘सार्स-कोव-2’ जितने ही खतरनाक 
  • मई 2019 से नवंबर 2020 तक चमगादड़ों के मल मूत्र व मुंह से लिए नमूनों से खुलासा 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार

दुनियाभर में कोविड-19 का उदय चीन से होने की छिड़ी बहस के बीच अब एक और नई आफत सामने आ गई है। चीनी शोधकर्ताओं को दक्षिण पश्चिमी चीन के चमगादड़ों में कोरोना वायरस के 24 नए जीनोम मिले हैं। इनमें से चार मौजूदा कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार ‘सार्स-कोव-2’ वायरस के जैसे ही हैं और लगभग इतने ही खतरना हो सकते हैं।
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जर्नल सेल में प्रकाशित इस शोध में शेनडॉन्ग विश्वविद्यालय के चीनी शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्हें मिले 24 नए कोरोना वायरस जीनोम से साफ है कि चमगादड़ों में कई तरह के कोरोना वायरस हैं और ये अलग अलग तरह से लोगों में फैलते हैं। ये जीनोम चमगादड़ों की अलग अलग प्रजातियों से मिले हैं। शोधकर्ताओं ने मई 2019 से नवंबर 2020 के बीच जंगलों में पाये जाने वाले छोटे चमगादड़ों के नमूने लेकर उनकी जांच शुरू की थी। इनके मल, मूत्र और मुंह से लिए गए नमूनों की बारीकी से जांच करने पर एक जीनोम ऐसा मिला जो कि बिलकुल सार्स-कोव-2 की तरह है। यह अब तक पाये गए तमाम जीनोम में से सार्स कोव 2 के सबसे करीबी स्ट्रेन है बस इसके स्पाइक प्रोटीन जैसे कुछ आनुवांशिक अंतर हो सकते हैं। 


संकट थमने की उम्मीद कम
शोधकर्ताओं ने इन नए 24 जीनोम के मिलने के बाद आशंका जताई है कि कोरोना महामारी का संकट थमने की उम्मीद फिलहाल बहुत कम है। पिछले साल जून में थाईलैंड से मिले स्वरूप और अब बिलकुल मिलते जुलते जीनोम के सामने आने से साफ है कि सार्स कोव 2 वायरस चमगादड़ों में लगातार फैल रहा है और कुछ इलाकों में इसकी गति काफी तेज है।

वायरस चीन से पैदा हुआ या नहीं इस पर तेज हुई बहस
कोरोना वायरस के उदय को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है। चीन कई महाशक्तियों के निशाने पर है हालांकि डब्ल्यूएचओ ने अब तक इस पर कोई राय कायम नहीं की है। इस सब के बीच चीन में मिले इन नए 24 स्वरूपों के सामने आने से चीन पर दबाव और बढ़ना तय है। डेढ़ साल पहले कोविड-19 का पहला मामला चीन के वुहान में मिला था। इसके बाद यह इतनी तेजी से फैला और वैश्विक महामारी का रूप ले लिया। लेकिन अब तक इसके स्रोत को लेकर बहस जारी है। कुछ देश और उसके वैज्ञानिक इस बात की मांग तक कर रहे हैं कि यह वायरस प्राकृतिक है या फिर इसे वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी में तैयार कर दुनिया में फैलाया गया।

चीन-अमेरिका के राजनयिकों के बीच वायरस के उदय पर तकरार
अमेरिका और चीन के शीर्ष राजनयिकों के बीच कोरोना वायरस के उदय और मानवाधिकारों समेत कई मुद्दों पर तकरार तेज हो गई है। बीजिंग का दावा है कि वॉशिंगटन अपनी खुन्नस के चलते कोरोना वायरस उदय की बहस को राजनीतिक रंग दे रहा है। चीन ने कहा, अमेरिका उसके अंदरूनी मामले में दखल न दे। चीन के वरिष्ठ विदेश नीति सलाहकार यांग जियची ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से शुक्रवार को फोन पर बात की। इस दौरान दोनों के बीच कोरोना वायरस, हांगकांग की आजादी, उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकारों समेत कई मुद्दों पर बात हुई।

यांग ने इस दौरान कोरोना वायरस के चीनी लैब में बनाये जाने की खबरों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा, हम महामारी की आड़ में चीन पर दोष मढ़ने की सभी कोशिशों की निंदा करते हैं। अमेरिका पूरी ताकत से इस झूठी धारणा को सही साबित करने पर तुला है।  अमेरिका को विज्ञान और साक्ष्यों का सम्मान करते हुए इस तरह के झूठ को फैलाने से बचना चाहिए। इस पर ब्लिंकन ने चीन को मानवजाति के हित में इस महत्वपूर्ण काम में पारदर्शिता दिखाने और सहयोग करने की नसीहत दी। कोरोना का उदय पता चलने से इसे रोकने में मदद मिलेगी लेकिन चीन इसमें अड़ंगा लगाकर मानवता के खिलाफ काम कर रहा है। 

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