दहशत फैलाने की कोशिश: चीन ने अंतरिक्ष से किया महाविनाशक मिसाइल का परीक्षण, अमेरिका हैरान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 17 Oct 2021 09:52 AM IST

सार

ड्रैगन ने अगस्त के महीने में महाविनाशक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था जिसका खुलासा अब हुआ है। चीन के इस कदम पर कई बड़े देशों ने चिंता जताई है। इसकी स्पीड साउंड की रफ्तार से 5 गुना ज्यादा होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अमेरिकी सेना के लिए एक बड़ी चुनौती होगी क्योंकि इसकी मिसाइल रक्षा प्रणाली उत्तरी ध्रुवीय मार्ग पर केंद्रित है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार

दुनिया में महाशक्तिशाली बनने के लिए चीन हमेशा कोई न कोई गुप्त परीक्षण करता आया है। लेकिन इस बार चीन अपने मिशन को छुपा नहीं सका। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ड्रैगन ने अगस्त के महीने में महाविनाशक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था जिसका खुलासा अब हुआ है। ये मिसाइल परमाणु क्षमता वाली मिसाइल है। चीन की तरह अंतरिक्ष से मिसाइल दागने की क्षमता अभी किसी देश के पास नहीं है। चीन के इस कदम पर कई बड़े देशों ने चिंता जताई है।
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समाचारपत्र फाइनेंशियल टाइम्स की शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने अगस्त में एक परमाणु-सक्षम मिसाइल लॉन्च की, जिसने अपने लक्ष्य की ओर उतरने से पहले लो ऑर्बिट में पृथ्वी का चक्कर लगाया। यह मिसाइल अपने टार्गेट से 32 किलोमीटर तक दूर गई। अखबार ने कई खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि चीन ने अपने हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल को लॉन्ग मार्च रॉकेट से भेजा था। 


चीन के परीक्षण से अमेरिका हैरान
खबर में कहा गया है कि चीन के हाइपरसोनिक मिसाइल के इस परीक्षण से अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी हैरान है। इस पूरे मामले में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता  जॉन किर्बी ने कहा कि चीन का यह कदम दहशत फैलाने के लिए है। इसी वजह से हम चीन को अपने लिए नंबर एक की चुनौती मानते हैं। अमेरिकी अधिकारी ने भी माना कि चीन ने हाइपरसोनिक हथियारों पर आश्चर्यजनक प्रगति की है जो कि अमेरिका की तुलना में कहीं ज्यादा उन्नत है।

जानिए मिसाइल की खूबी
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक चीन के अलावा केवल रूस और अमेरिका ही हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन विकसित कर रहे थे। लेकिन इनसब में चीन सबसे आगे है। इस मिसाइल को ट्रैक करना मुश्किल है। ये मिसाइलें रॉकेट से लॉन्च किए जाते हैं और फिर अपनी गति से पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं। इसकी स्पीड साउंड की रफ्तार से 5 गुना ज्यादा होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अमेरिकी सेना के लिए एक बड़ी चुनौती होगी क्योंकि इसकी मिसाइल रक्षा प्रणाली उत्तरी ध्रुवीय मार्ग पर केंद्रित है।

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