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Abdul Rauf: चीन का पाक प्रेम आया सामने, आतंकी अब्दुल रऊफ पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को नहीं दे रहा मंजूरी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 11 Aug 2022 08:20 AM IST
सार

अमेरिकी ट्रेजरी ने साल 2010 में ही  रऊफ को आतंकवादियों की सूची में डाल दिया था। इसके बाद वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए  UNSC में प्रस्ताव भी पारित किया गया लेकिन चीन इससे पीछे हटता नजर आ रहा है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

पाकिस्तान से व्यक्तिगत लाभ उठाने के लिए चीन किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहता है। इतना ही नहीं चीन इसके लिए आतंकवाद से भी समझौता करने के लिए तैयार रहता है। दरअसल, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीन, अमेरिका और भारत द्वारा UNSC में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के एक शीर्ष कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी देने में देरी कर रहा है। जबकि, अमेरिकी ट्रेजरी ने साल 2010 में ही  रऊफ को आतंकवादियों की सूची में डाल दिया था। इसके बाद वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए  UNSC में प्रस्ताव भी पारित किया गया लेकिन चीन इससे पीछे हटता नजर आ रहा है।



जानें कौन है आतंकी अब्दुल रउफ असगर
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख संचालक मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर उस वक्त महज 24 साल का था जब उसने इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान को 1999 में हाईजैक करने की साजिश रची थी। जिसमें करीब 173 लोग सवार थे। इस हैईजैक के कारण भारत को अब्दुल रउफ  के बड़े भाई और जैश के सरगना मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था। 


तभी से असगर भारत के टॉप पांच मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। भारत में जैश द्वारा किए जा रहे हमलों की योजना असगर ही बनाता है। जिसमें 2001 का जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हुआ आतंकी हमला, संसद पर हुआ हमला, पठानकोट आतंकी हमला, नगरोटा और कठुआ कैंप पर हमला और हाल ही में हुआ पुलवामा आतंकी हमला भी शामिल है।  भारतीय खुफिया एजेंसी के मुताबिक अब्दुल रऊफ असगर, अजहर मसूद की गैर मौजूदगी में जैश से संबंधित सभी फैसले लेता है। 

परवेज मुशर्रफ की हत्या की भी की थी कोशिश
जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अजहर की हत्या की कोशिश की तो वह कुछ सालों के लिए अंडरग्राउंड हो गया था। उस समय भी अब्दुल रऊफ असगर ही अफगानिस्तान की यात्रा कर तालिबान से बात कर रहा था और जैश के कामों को अंजाम दे रहा था। वह भारत पर होने वाले आतंकी हमलों की खुलै तौर पर जिम्मेदारी लेने वालों में जाना जाता है। वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है। रंगूर डॉट कॉम पर जारी एक वीडियो में असगर ने पठानकोट आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद दिसंबर 2017 में उसने बहावलपुर मस्जिद में भारी मात्रा में भीड़ को संबोधित करते हुए पुठानकोट और नगरोटा हमले की जिम्मेदारी ली थी। असगर ने भीड़ से वादा किया था कि वह कुछ ही महीनों में पठानकोट से भी बड़ा हमला करेगा।

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