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एक और वैक्सीन: नोवावैक्स का कोविड-19 रोधी टीका 90 फीसदी असरकारक, सभी स्ट्रेन पर कारगर

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 14 Jun 2021 05:39 PM IST

सार

कोरोना महामारी से जंग में अमेरिका की दवा कंपनी नोवावैक्स को भी टीका बनाने में कामयाबी मिली है। नोवावैक्स का टीका 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी पाया गया है। 
 
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जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन
जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन - फोटो : PTI
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विस्तार

अमेरिकी टीका निर्माता कंपनी नोवावैक्स ने सोमवार को कहा कि उसका टीका कोविड-19 के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है और यह कोरोना वायरस के सभी स्वरूपों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। यह बात अमेरिका और मेक्सिको में किए गए बड़े और आखिरी चरण के अध्ययन में सामने आई है। कंपनी ने कहा कि टीका कुल मिलाकर 90 फीसदी असरदार है।
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शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि यह सुरक्षित है। नोवैक्स टीके को फ्रिज के मानक तापमान पर रखा जा सकता है और यह वितरण करने में आसान है। हालांकि अमेरिका में कोविड-19 रोधी टीकों की मांग में कमी आई है, लेकिन दुनिया भर में अधिक टीकों की जरूरत बनी हुई है। नोवावैक्स टीके को रखना और ले जाने आसान है और उम्मीद की जा रही है कि यह विकासशील देशों में टीके की आपूर्ति को बढ़ाने में अहम किरदार निभाएगा।
 

सितंबर तक अमेरिका व यूरोप में मंजूरी की उम्मीद
कंपनी ने कहा कि उसकी योजना सितंबर अंत तक अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर टीके के इस्तेमाल के लिए मंजूरी लेने की है और तब तक वह एक महीने में 10 करोड़ खुराकों का उत्पादन करने में सक्षम होगी। नोवावैक्स के मुख्य कार्यपालक स्टेनली एर्क ने एपी से कहा, 'हमारी शुरूआती कई खुराकें निम्न और मध्य आय वाले देशों में जाएंगी।'




अमेरिका में आधी से ज्यादा आबादी को लगी एक खुराक
'आवर वर्ल्ड इन डेटा' के मुताबिक, अमेरिका की आधी से ज्यादा आबादी कोविड-19 रोधी टीके की कम से कम एक खुराक ले चुकी है जबकि विकासशील देशों में एक फीसदी से भी कम लोगों ने टीके की एक खुराक ली है।

नोवावैक्स के अध्ययन में अमेरिका और मेक्सिको में 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र के करीब 30,000 लोग शामिल थे। उनमें से दो तिहाई को तीन हफ्तों के अंतराल पर टीके की दो खुराकें दी गईं जबकि शेष को अप्रभावी (डमी) टीका दिया गया। कोविड-19 के 77 मामले आए, जिनमें से 14 उस समूह से थे जिन्हें टीका दिया गया जबकि शेष मामले उनमें थे जिन्हें अप्रभावी (डमी) टीका दिया गया था। टीका लगवाने वाले समूह में किसी की भी बीमारी मध्यम या गंभीर स्तर पर नहीं पहुंची।

कोविड-19 टीका शरीर को कोरोना वायरस पहचानने, खासकर इसे ढंकने वाले स्पाइक प्रोटीन की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित करता है और शरीर को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करता है। नोवावैक्स प्रायोगशाला में बनाए गए उस प्रोटीन की प्रतियों से तैयार की गई है और यह अभी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे कुछ अन्य टीकों से अलग है।

यूके स्ट्रेन पर भी असरकारी
टीका वायरस के कई स्वरूपों पर असरदार रहा जिनमें ब्रिटेन में सामने आया स्वरूप भी शामिल है जो अमेरिका में काफी फैला है। साथ में यह टीका उच्च खतरे वाले समूह पर भी प्रभावी रहा, जिनमें बुजुर्ग और स्वास्थ्य दिक्कतों का सामना करने वाले लोग शामिल हैं। एर्क ने कहा कि इसके दुष्प्रभाव अधिकतर मामूली थे और इंजेक्शन लगने वाली जगह पर दर्द हुआ। खून के थक्के जमने या दिल की समस्या का पता नहीं चला।

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