अलर्ट : फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का वायरस पर चौंकाने वाला खुलासा

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन। Updated Fri, 14 Aug 2020 03:57 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
हवा में कोरोना वायरस की मौजूदगी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से लेकर वैज्ञानिकों ने कई खुलासे किए हैं। परंतु किसी ने ये नहीं बताया कि हवा में जेनेटिक मैटेरियल के साथ ही वायरस भी जिंदा रहता है।
विज्ञापन

वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के वैज्ञानिकों को अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों से सात से 16 फुट की दूरी पर एरोसोल में मौजूद जिंदा वायरस को आइसोलेट करने में कामयाबी मिली है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों में बदलाव की सलाह दी है।
एक लीटर हवा में वायरस के 74 कण
वायरोलॉजिस्ट डॉ. जॉन लेडनिकी का कहना है कि जिस कमरे में वायरस को आइसोलेट किया गया वहां पर हर एक घंटे में छह बार हवा बदली जाती थी। इसके बावजूद एक लीटर हवा में वायरस के 74 कण मिले। जहां वेंटिलेशन यानी झरोखा नहीं होते हैं वहां पर हवा में वायरस बड़ी संख्या में मिल सकते हैं।

दो सैंपलर में पकड़े गए जिंदा वायरस...
फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के शैंड्स अस्पताल के वैज्ञानिकों ने ये सैंपल कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित वार्ड के एक कमरे से आइसोलेट किया है। वायरस को पकड़ने के लिए दो सैंपलर का प्रयोग किया। एक को मरीज से सात फुट तो दूसरे को 16 फीट दूर रखा गया था। दोनों सैंपलर में वायरस मिले जो कोशिकाओं को संक्रमित करने में पूरी तरह सक्षम थे।

संक्रमण के लिए पर्याप्त हों जरूरी नहीं...
न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी की वायरोलॉजिस्ट डॉ. एंजेला रासमुसेन का कहना है ‘मुझे नहीं लगता कि जितनी संख्या में वायरस मिले हैं वो किसी व्यक्ति में संक्रमण फैलाने के लिए पर्याप्त हैं।’

100 गुना ज्यादा आरएनए
यूनिवर्सिटी ऑफ पीर्ट्सबर्ग की श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा लकड़वाला ने कहा, नतीजों से अब अधिक सावधान रहना होगा। वे कहती हैं कि जब सैंपल लिया जाता है तो उसमें वायरस से 100 गुना ज्यादा उसका आरएनए होता है।

घर में भी सुरक्षित नहीं
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय की एटमॉसफेरिक केमिस्ट डॉ. रोबिन स्कोफील्ड का कहना है कि कमरे में दूरी का नियम काम नहीं करता है। छह फुट की दूरी कोई मायने नहीं रखती। जो लोग ये समझ रहे हैं कि वो घर में सुरक्षित हैं ऐसा बिलकुल नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us