अमर उजाला
Thu, 2 November 2023
भीमताल झील को लेकर लोगों का कहना है कि पांडवों ने अज्ञातवास के समय भारत में बहुत सारी जगहों का भ्रमण किया, उसी दौरान वो इस जगह पर भी आए थे। भीम ने भीमताल वाले स्थान पर भगवान शिव की आराधना की थी। शिव को जलाभिषेक करने के लिए इस झील का निर्माण किया था।
भीमताल के बीच में एक द्वीप स्थित है, इस द्वीप में भीमेश्वर महादेव और एक मछलीगृह है। मछलीगृह में आप विभिन्न प्रकार की मछलियों को देख सकते हैं। वहीं, मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में करवाया गया था।
लोगों का कहना है कि 1814-16 में एंग्लो-नेपाली युद्ध के बाद भीमताल वाला क्षेत्र ब्रिटिश शासन के अंदर आ गया और ब्रिटिश शासकों द्वारा भीमताल झील को विकसित किया गया।
भीमताल झील के पानी का प्रयोग पीने और सिंचाई के लिए किया जाता है। भीमताल झील के किनारे विक्टोरिया बांध है। इस बांध के दोनों ओर फूल के बगीचे बनाए गए हैं, जो देखने में बहुत सुंदर हैं।
अगर आप भीमताल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप फ्लाइट, ट्रैन, बस, टैक्सी और कार से यहां पहुंच सकते हैं। भीमताल के पास पंतनगर एयरपोर्ट है। जो भीमताल से 58 किमी की दूरी पर है। भीमताल से नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है।
चमत्कारों से भरा है कैंची धाम, हनुमान के अवतार माने जाते हैं करौरी बाबा