अमर उजाला
Sun, 24 July 2022
बनारस के केदारखंड में स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर के शिवलिंग का स्वरूप ही निराला है। यह शिवलिंग दो भागों में बंटा हुआ है।
मान्यता है कि एक भाग में भगवान शिव माता पार्वती के साथ तो दूसरे भाग में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ विराजते हैं।
इसके दर्शन से भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा के दर्शन व कृपा की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां भोग ग्रहण करने आते हैं। यही नहीं इस मंदिर की पूजन विधि भी बाकी मंदिरों की तुलना में अलग है।
यहां बिना सिला हुआ वस्त्र पहनकर ही ब्राह्मण चार पहर की आरती करते हैं। स्वयंभू शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध गंगाजल के साथ ही भोग में खिचड़ी जरूर चढ़ाई जाती है।
कहा जाता है कि यह मंदिर श्री काशी विश्वनाथ से भी प्राचीन है। काशी आने पर रानी अहिल्याबाई होल्कर ने जब दर्शन किया तो मंदिर की व्यवस्था को सुधारा।
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