अमर उजाला
Wed, 19 October 2022
60 साल पहले जंगल में मिली लोमड़ी जूलॉजी विभाग में आज भी जीवंत नजर आती है।
पेड़ पर लिपटा पाइथन भी म्यूजियम में जीवंत
माछरा के एक गांव में सन 65 में जन्मे दो सिर वाला बालक
यहां कसेरूकी और अकसेरूकी संरक्षित जंतुओं का अच्छा खासा संग्रह मौजूद है।
ये सारे दुर्लभ जीव म्यूजियम में हैं
मृत जंतुओं को फार्मलीन और गिलिसरीन के अलावा विशेष रसायनों में रखा जाता है।
गोरखपुर में जहां कभी ना पहुंचा, इस बार वहां भी चढ़ गया बाढ़ का पानी