अमर उजाला
Tue, 7 February 2023
कानपुर के अशोकनगर में रहने वाले विनायक निगम कबाड़ को आकार देकर सुंदर-सुंदर कलाकृतियां तैयार करने में उस्ताद हैं।
वह साइकिल की चेन, लोहे के तार, लकड़ी आदि की मदद से शहर के अलग-अलग संस्थानों के लिए पेड़, योग की मुद्राओं वाली आकृति बना चुके हैं। इटावा लॉयन सफारी के लिए शेर बनाकर भी दे चुके हैं।
12वीं करने के बाद डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय से विजुअल आर्ट में स्नातक और परास्नातक किया।
12वीं तक मोतीझील स्थित ललित कला अकादमी में अपने हुनर को और बेहतर किया। इसके बाद मम्मी-पापा से पूंजी लेकर कंपनी बनाई।
विनायक निगम ने बताया कि मुंबई की जहांगीर आर्ट गैलरी में 6-12 मार्च को लगने वाली प्रदर्शनी में उन्हें जाने का मौका मिला है।
महाकाल लोक से भरा बाबा का खजाना