अमर उजाला
Sun, 26 March 2023
बरेली के कालीबाड़ी स्थित काली देवी मंदिर करीब 200 साल से अधिक पुराना है। मंदिर में पहले गोबर की प्रतिमा की पूजा की जाती थी।
मंदिर के महंत नितिन गौर ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि एक बंगाली बाबा के सपने में मां काली ने मंदिर बनाने की इच्छा जताई थी।
बाबा ने स्थानीय लोगों की मदद से काली माता की मूर्ति की स्थापना की। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ।
काली देवी मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने आते हैं। माता के नाम पर ही मोहल्ले का नाम कालीबाड़ी पड़ा।
काली देवी मंदिर सुबह पहली आरती पांच बजे की जाती है। रात में नौ बजे आरती होती है। नवरात्र पर यहां सड़क तक भक्तों की कतार लगती है।
सेटेलाइट चौराह से सीधे कालीबाड़ी तक के लिए ऑटो मिलता है। मुख्य मार्ग पर ही काली माता का मंदिर बना हुआ है।
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