अमर उजाला
Thu, 11 May 2023
ताजमहल के संरक्षण पर एएसआई ने पिछले तीन साल में 12.37 करोड़ रुपये खर्च किए, फिर भी स्मारक में पत्थर टूट रहे हैं।
ताजमहल की मुख्य गुंबद में मुमताज और शाहजहां की कब्रें हैं। गुंबद के चारों ओर दरवाजों पर फारसी में कुरान की आयतें लिखीं हैं।
मुख्य गुंबद पर दर्ज आयतों के अक्षर निकल रहे हैं। बुर्ज से फर्श तक रखरखाव व जीर्णोद्धार की दरकार है।
दीवारों पर पच्चीकारी में लगे बेशकीमती पत्थर भी वक्त के थपेड़ों से जूझ रहे हैं। पर्यटकों की आमद लगातार बढ़ रही है।
वर्ष 2020 से 2022 तक ताज का दीदार करने दुनियाभर से 23.97 लाख पर्यटक आए। इनमें 22.77 लाख भारतीय जबकि 1.20 लाख विदेशी रहे।
मकराना के सफेद पत्थरों पर लिखी गई मोहब्बत की इस इबारत को यूनेस्को ने 1983 में विश्व विरासत घोषित किया था।
इसके बाद से एएसआई हर साल रखरखाव, जीर्णोद्धार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, फिर भी सुधार नहीं दिख रहा।
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