अमर उजाला
Thu, 3 February 2022
अगर आपके सेविंग या करंट अकाउंट में दो साल में किसी प्रकार की लेन देन नहीं हुई है तो इस तरह के खाते को इनऑपरेटिव अकाउंट में डाल दिया जाता है
इनऑपरेटिव अकाउंट होने के बाद खाता इनएक्टिव हो जाता है
इसके साथ ही इनऑपरेटिव अकाउंट पर किसी तरह का ब्याज नहीं मिलता है
इसके अलावा अगर अकाउंट 10 साल तक इसी इनऑपरेटिव अकाउंट की स्थिति में रहता है तो इसके पैसों और ब्याज को शिक्षा और जागरूकता कोष में ट्रांसफर कर दिया जाता है
हालांकि पैसे ट्रांसफर करने से पहले बैंक इसकी जानकारी अपने ग्राहक को दे देता है
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