क्यों पैसेंजर ट्रेनों में नहीं लगते हैं 24 से ज्यादा डिब्बे पैसेंजर ट्रेनों में 24 से ज्यादा कोच नहीं लगाए जाते हैं क्योंकि जब भी किसी ट्रैक पर 2 ट्रेनें आमने-सामने आ जाती हैं तो उनमें से एक ट्रेन को कुछ देर के लिए दूसरी पटरी पर खड़ा किया जाता है इसके बाद दूसरी ट्रेन को रास्ता दिया जाता है और जिस पटरी पर ट्रेन खड़ी होती है उसे लूप लाइन कहा जाता है इसलिए किसी भी पैसेंजर ट्रेन को लूप लाइन से बड़ा नहीं होना चाहिए, जिसकी वजह से पैसेंजर ट्रेन में 24 से ज्यादा डिब्बे नहीं होते हैं लूप लाइन का मतलब होता है कि जब किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन को रास्ता देना होता है तो पैसेंजर ट्रेन को रोका जा सकता है रेलवे के नियमों के मुताबिक, लूप लाइन 650 से 750 मीटर तक लंबी होती है Utility News