अमर उजाला
Wed, 3 January 2024
इस योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यापारों को शामिल किया गया है, जिन्हें आर्थिक लाभ दिए जाते हैं
पर ये सिर्फ पात्र लोगों को ही मिलता है और ये पात्र लोग हैं सुनार, दर्जी, मूर्तिकार, अस्त्रकार, पत्थर तराशने वाले, मोची/जूता बनाने वाले
कारीगर, गुड़िया और खिलौना निर्माता, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, फिशिंग नेट निर्माता और टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले हैं
राजमिस्त्री, धोबी, नाव निर्माता, ताला बनाने वाले, पत्थर तोड़ने वाले, नाई, मालाकार या फिर लोहार इस योजना के लिए पात्र हैं
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