क्या है एथेनॉल ब्लेंडिंग, जो भारत में लाएगा ब्लैक रिवोल्यूशन
अमर उजाला
Thu, 6 July 2023
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पेट्रोल में जब एथेनॉल मिला दिया जाता है तो उसे एथेनॉल ब्लेंडिंग कहा जाता है। इसे किण्वन विधि की मदद से तैयार किया जाता है
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एथेनॉल चीनी मिलों से निकलने वाली गाद या शीरा से बनाया जाता है। भारत सरकार 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है
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देश का ऑटोमोबाइल सेक्टर काफी बढ़ा है। ऐसे में इस क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें बड़े पैमाने पर क्रूड ऑयल को गल्फ देशों से आयात करना पड़ता है
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हर साल भारत सरकार लगभग 65 बिलियन डॉलर क्रूड ऑयल खरीदने में ही व्यय करती है। वहीं अगर सरकार साल 2025 तक 20 प्रतिशत तक एथेनॉल ब्लेडिंग के लक्ष्य को पूरा कर लेती है
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ऐसे में भारत बड़े पैमाने पर हर साल अपनी विदेशी मुद्रा की बचत कर सकेगा। अगर एथेनॉल ब्लेडिंग सफल होता है। ऐसे में सरकार धीरे-धीरे एथेनॉल ब्लेडिंग प्रतिशत को 20 से 30, 30 से 40
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और आगे भी बढ़ाने का काम करेगी। इससे क्रूड ऑयल के लिए गल्फ देशों पर हमारी निर्भरता कम होगी। हालांकि, ऐसा करने के लिए गाड़ियों के इंजन की डिजाइनिंग में समय समय पर बदलाव करने होंगे
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ताकि वो 80:20 एथेनॉल ब्लेंडिंग पर चल सकें। इसी वजह से कई गाड़ियों में अब E20 वेरिएंट आने लगे हैं, जो कि 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने के लिए डिजाइन किए गए हैं