अब जमीन का भी बनेगा आधार कार्ड बजट 2024 में ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के लिए आधार कार्ड की तर्ज पर विशिष्ट पहचान संख्या या कहें भू-आधार का प्रस्ताव रखा गया है इसके अलावा शहरी भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का भी प्रस्ताव रखा गया है भू-आधार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी भी भूमि है उनको 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी इस प्रक्रिया में भूमि की पहचान संख्या के साथ उसका मानचित्रण, सर्वे, स्वामित्व और किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा वहीं शहरी क्षेत्रों में जो जमीने हैं उनके भूमि अभिलेखों को जीआईएस मैपिंग के साथ डिजिटल किया जाएगा यूटिलिटी न्यूज