50 साल बाद नासा का सबसे बड़ा अंतरिक्ष कार्यक्रम, बदल जाएगी दुनिया साल 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में नासा चांद पर कदम रख सकता है। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं इस मिशन की खास बात यह है कि नासा के एस्ट्रोनॉट केवल चंद घंटे चांद की सतह पर बिता कर वापस नहीं आएंगे... बल्कि वे लंबे समय तक वहां पर लूनर बेस बना कर रहने वाले हैं। इस दौरान एस्ट्रोनॉट चांद की सतह का बारीकी से अध्ययन करेंगे नासा का प्लान है कि वो चांद पर माइनिंग भी करेगा। नासा के इस मिशन का नाम आर्टेमिस है चांद की सतह पर प्लेटिनम, सिलिकॉन, आयरन, टाइटेनियम, अमोनिया आदि जैसे कई बेशकीमती खनिज पदार्थ मौजूद हैं यूटिलिटी न्यूज