अमर उजाला
Thu, 1 May 2025
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 देश के हर नागरिक को 'निजता का मौलिक अधिकार' प्रदान करता है
किसी व्यक्ति की जानकारी या स्पष्ट सहमति के बिना उसकी निजी फोन कॉल रिकॉर्ड करना उसके निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन माना जाता है
जिसके अनुमति के बिना कॉल रिकॉर्ड हुआ हो वो व्यक्ति इस पर आपत्ति जता सकता है और शिकायत दर्ज करा सकता है
ऐसे में कॉल रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है
यही वजह है कि कई नए स्मार्टफोन्स के इनबिल्ट कॉल रिकॉर्डिंग फीचर में रिकॉर्डिंग शुरू होने पर दूसरे व्यक्ति को इसकी ऑडियो घोषणा सुनाई देती है, ताकि पारदर्शिता रहे और सहमति बनी रहे
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