अमर उजाला
Sat, 6 June 2026
जालसाज लोगों को ठगने के लिए असली दिखने जैसी वेबसाइट बना देते हैं, लेकिन ये नकली होती है और इनकी पहचान आप कर सकते हैं
जैसे- अगर वेबसाइट का URL ठीक नहीं है यानी स्पेलिंग मिस्टेक है तो ये वेबसाइट फेक हो सकती है
अगर किसी वेबसाइट का URL HTTP से शुरू है, तो ये फेक हो सकती है
असली वेबसाइट का URL हमेशा HTTPS से ही शुरू होता है
अगर किसी वेबसाइट के आगे लॉक यानी ताला नहीं बना हुआ है, तो ये फेक हो सकती है...
ऐसी वेबसाइट आपका डाटा चुराकर आपको ठग सकती हैं
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