अमर उजाला
Fri, 12 May 2023
किसी भी वेबसाइट के यूआरएल में अगर स्पेलिंग की गलती है, तो ये वेबसाइट फर्जी हो सकती है
पर आपको ध्यान से देखना है और आप पाएंगे कि कुछ गड़बड़ है
फर्जी वेबसाइट पर कंपनी का असली पता नहीं होता और कॉन्टेक्ट नंबर्स भी अलग होते हैं
50 रुपये की बचत करके इकट्ठा कर सकते हैं 50 लाख से ज्यादा का फंड