अमर उजाला
Wed, 2 April 2025
फर्जी वेबसाइट का यूआरल http से होता है, क्योंकि असली पोर्टल https से होता है
वेबसाइट के यूआरएल में देखेंगे तो स्पेलिंग की मिस्टेक होती है...
ये आपको एकदम से नहीं दिखेगी, पर आप जब चेक करेंगे तो आपको नजर आएगी कि गलती है
जो वेबसाइट फेक होती हैं उन पर अपने आप कई पॉप-अप खुलते हैं जो आपको क्लिक करने को कहते हैं इनसे आपका सिस्टम हैक हो सकता है
करेंगे ये गलतियां, तो हो जाएंगे फ्रॉड के शिकार