कैसे तय होता है भारतीय ट्रेनों का किराया? ट्रेन के किराये को तय करने में सबसे बड़ा फैक्टर किलोमीटर का होता है। दूरी जितनी अधिक होती है किराया भी उतना अधिक होता है दूरी को भी कई कैटेगरी में बांटा गया है। उदाहरण के तौर पर 1-5, 6-10, 11-15, 16-20, 21-25 और 4951-5000 किलोमीटर की कैटेगरी है ऐसे में आप जितनी अधिक दूरी तय करेंगे। उतना ही ज्यादा आपसे किराया वसूला जाएगा यही नहीं ट्रेनों का किराया ट्रेन में मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर भी कम ज्यादा होता है इसके अलावा ट्रेन की गति के आधार पर भी किराया कम या ज्यादा होता है। कई ट्रेनों का किराया समय-समय पर बदलता रहता है यूटिलिटी न्यूज