ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं में क्या होता है अंतर? जेनेरिक दवाएं उन दवाओं को कहा जाता है, जिनका कोई ब्रांड नेम नहीं होता है इनको सॉल्ट नेम से बेचा और पहचाना जाता है। कई कंपनियां जो जेनेरिक दवाएं बनाती हैं। उन्होंने देश में अपना ब्रांड नेम भी बना लिया है वहीं अगर जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के बीच के अंतर की बात करें तो इनमें ब्रांडिंग, पैकेजिंग, स्वाद और रंगों का अंतर होता है इसके अलावा जेनेरिक दवाओं की कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम होती है यूटिलिटी न्यूज