अमर उजाला
Wed, 23 August 2023
भले ही आज चंद्रयान-3 लैंड होने वाला है, लेकिन एक किस्सा चंद्रयान-1 से जुड़ा हुआ है जिसे आपको जानना चाहिए
साल 2008 में भारत का पहला चांद मिशन चंद्रयान-1 महज एक ऑर्बिटर था, वहीं अंतरिक्ष यान को तैयार करने के दौरान तब तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम इसरो के दफ्तर पहुंचे थे...
कहा जाता है कि तब वैज्ञानिकों ने कहा था कि ये यान चांद की सतह की तस्वीरें ले लेगा, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर अब्दुल कलाम ने सिर हिलाया और कहा कि ये पर्याप्त नहीं होगा
अब्दुल कलाम ने इस पर सुझाव दिया कि, अंतरिक्ष यान में एक ऐसा उपकरण होना चाहिए, जिसे चांद की सतह पर गिराया जा सके
इसके बाद इसरो ने कलाम की सलाह को मानाकर ही यान के डिजाइन में कुछ बदलाव किए थे और फिर मून 'इम्पैक्ट प्रोब' लूनर सर्फेस यानी चांद की सतह पर पहुंचा और ये चांद पर पहली भारतीय चीज बनी
क्या होगा अगर आज चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर पाया चंद्रयान 3?