क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम बिट्स पर काम करते हैं। जहां आज के क्लासिकल कंप्यूटर 0 और 1 (बाइनरी डिजिट) के आधार पर डाटा को प्रोसेस करते हैं
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वहीं क्वांटम कंप्यूटर एक ही समय में 0 और 1 दोनों पॉसिबल स्टेट में होकर डाटा की प्रोसेसिंग करता है। इस प्रक्रिया को सुपर पोजिशनिंग के नाम से जाना जाता है
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कुबीट्स की कार्य प्रणाली क्वांटम फिजिक्स में क्वांटम इंटेंगेलमेंट प्रक्रिया पर आधारित है
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क्वांटम दुनिया काफी अजीब है। क्वांटम स्टेट में जब पार्टिकल्स को ऑब्जर्व किया जाता है तब वे पार्टिकल फॉर्म में होते हैं
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वहीं जब उनका निरीक्षण नहीं किया जाता तब वे वेव फॉर्म में अपने आप को बदल लेते हैं। क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम फिजिक्स के इसी व्यवहार का अनुकरण करते हैं
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क्वांटम कंप्यूटिंग अभी विकास के दौर से गुजर रही है। इसके साथ मुश्किल ये आ रही है कि हम जैसे ही इसे ऑब्जर्व करते हैं तो इसका स्टेट चेंज हो जाता है
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क्वांटम कंप्यूटर 1 सवाल के करोड़ों संभावनाओं और पैटर्न को मिनटों में खंगालते हैं और उसके सभी संभावित उत्तरों को हमारे सामने लाकर रख देते हैं
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इसकी मदद से बड़ी से बड़ी स्पेस इक्वेशन को मिनटों में हल किया जा सकता है, जिसे क्लासिकल कंप्यूटर सॉल्व करने में हजारों साल का समय लेता है