अमर उजाला
Wed, 22 January 2025
UPI का इस्तेमाल देश के कोने-कोने में गली-गली में हो रहा है जिसके पास स्मार्टफोन है वह UPI इस्तेमाल कर रहा है।
UPI जितना पोपुलर हो रहा है, उतने ही इससे जुड़े स्कैम भी बढ़ रहे हैं। यूपीआई स्कैम को रोकने के लिए NPCI) को एक कैंपेन शुरू करना पड़ा है।
स्कैमर्स यूपीआई यूजर्स को फोन करते हैं और कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड या बिजली का बिल बकाया है जिसे जमा ना करने पर पुलिस केस बन सकता है।
इसके बाद वे पेमेंट के लिए यूजर्स के फोन में एप इंस्टॉल करवाते हैं और फिर यूपीआई एप्स पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।
यूपीआई ठग फर्जी रिश्तेदार बनकर लोगों को फोन करते हैं और कहते हैं कि उनका फोन खराब हो गया है, इसलिए दूसरे नंबर से कॉल किया है।
पैसे की बहुत जरूरत है, जल्दी से इस नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर दो।
स्कैमर्स लोगों से बहुत ही कम समय में पैसे डबल करने का दावा करते हैं।
ये ठग फर्जी वेबसाइट का लिंक मेल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया एप्स के जरिए लोगों के साथ शेयर करते हैं।
इन लिंक को ओपन करने पर साइट या एप UPI एप्स जैसे ही दिखते हैं लेकिन होते स्कैम वाले हैं।
टेक्नॉलॉजी की अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें