अमर उजाला
Mon, 8 December 2025
AI हमारी मदद करता है, लेकिन गलत जानकारी शेयर करने पर प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। कुछ जरूरी बातों का ध्यान रख आप अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं।
AI टूल्स अक्सर आपकी चैट हिस्ट्री सेव करते हैं और कभी-कभी टीम द्वारा रिव्यू भी होती है। इसलिए चैट को हमेशा पब्लिक बातचीत की तरह ही समझें। जो बात किसी अनजान को नहीं बताएंगे, वह AI को भी न लिखें।
फोन नंबर, पता, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, ओटीपी, आईडी नंबर या निजी बातचीत जैसे डेटा कभी भी AI चैट में न डालें। AI को आपकी पहचान की कोई जरूरत नहीं होती और यह आपकी प्राइवेसी को जोखिम में डाल सकता है।
AI से आइडिया, जानकारी और टिप्स लें, लेकिन इसे निजी समस्याओं का हल या बड़े फैसलों का आधार न बनाएं। इसके जवाब कई बार गलत भी हो सकते हैं।
कई AI एप्स में चैट हिस्ट्री बंद करने या डेटा सेविंग सीमित करने का विकल्प होता है। सेटिंग्स में जाकर उन फीचर्स को बंद करें जिन्हें आप उपयोग नहीं करना चाहते। इससे आपकी जानकारी कम स्टोर होती है।
डॉक्यूमेंट, ईमेल या स्क्रीनशॉट भेजने से पहले देखें कि उसमें नाम, पता या कोई निजी जानकारी तो नहीं है। एक छोटा सा रीव्यू आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है और अनचाहे डेटा शेयर होने से बचाता है।
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